9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वीर शिरोमणि दुर्गादास की सरजमीं ने उपजे रत्न, सेना को दिए 20 जवान

मारवाड़ की धरा ने हमेशा से ही देश की रक्षा के लिए वीरों को जन्म दिया है। मारवाड़ की रक्षा करने के सानी वीर शिरोमणि दुर्गादास की जमीं ने इस साल भी वीर रत्न उपजे हैं। अब ये वीर देश के गौरव व गरिमा की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार हैं।

3 min read
Google source verification

image

Harshwardhan Singh Bhati

May 22, 2016

indian military, recruitment in indian army, veer

indian military, recruitment in indian army, veer durgadas, jodhpur news

वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौड़ की जन्मभूमि एवं उनके बाद भारतीय सेना में रहते हुए मादरे-वतन के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाले शिवीराम, निम्बाराम डूडी व पाबूराम जाट जैसे मायड़ के सपूतों को पैदा करने वाले तथा 'सैनिकों का गांवÓ कहे जाने वाले भोपालगढ़ क्षेत्र के सालवा कलां गांव के युवाओं में देश की रक्षा करने के लिए सैनिक बनने का जज्बा व जुनून किस कदर हावी है, इसका ताजा उदाहरण यह है, कि इस गांव से हाल ही में हुई सेना भर्ती में एक साथ 17 युवाओं का बतौर सैनिक एवं तीन युवाओं का वायुसेना में कमाण्डो के रूप में कुल बीस युवाओं का चयन हुआ है।

साफे पहनाने के हुनर ने दिलाया जोधपुर के इस शख्स को 'पद्मश्री'

जोधपुर जिले के भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव सालवा कलां की सरजमीं पर युवाओं का सीना गर्व से फूल सा जाता है। असल में एक अकेले इस गांव से ही वर्तमान में करीब 550 लोग बतौर सेना के जवान देश की सेवा कर रहे हैं और लगभग 300 पूर्व सैनिक इस गांव के युवाओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए उन्हें सेना में जाने के लिए न केवल प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें इस लायक बनाने के लिए अभ्यास भी करवाते हैं।

विदेशों में जाता है जोधपुर के इन कुंओं का पानी

इस गांव ने तीन-तीन शहीद भी दिए हैं। इनमें शिवजीराम व निम्बाराम डूडी की शहादत के बाद अभी हाल ही कुछ माह पहले ही पाबूराम जाट ने भी भारत की शान को बनाए रखने के लिए शहादत को बसंती चोला पहनकर फिर से यहां के युवाओं की रगों में जोश व जज्बे का ज्वार ताजा किया है।

एक एेसा अस्पताल जहां खिलौनों से होता है बच्चों का इलाज

बारह ही मास, एक ही जतन

देश को सैकड़ों सैनिक देने वाले इस गांव के युवाओं ने गांव की ओरण-गोचर की जमीन पर ही मैदान, रनिंग ट्रेक एवं अभ्यास के अन्य साजो-सामान तैयार कर लिए हैं। जिनके सहयोग से ये लोग घंटों तक यहां अभ्यास करते हैं। गांव के युवाओं की फौज में भर्ती होने की उत्कंठ लालसा को पूरा करने के लिए गांव के कई पूर्व सैनिक भी इन युवाओं की पूरी मदद करते हैं। इस गांव के सैना में रहे पूर्व हवलदार चौथाराम चौधरी व रामपाल गेनण जैसे कई पूर्व सैनिक गांव के इन भावी सैनिकों को इस तरह से कठोर प्रशिक्षण देते हैं।

एक साथ 20 युवा बने फौजी

हाल ही में हुई सेना की एक भर्ती में सालवा गांव के 17 युवाओं का देश की सेना में बतौर सैनिक एवं तीन युवाओं का भारतीय वायुसेना में बतौर कमाण्डो चयन हुआ है। वीर तेजा नवयुवकमंडल अध्यक्ष राजूराम कूकणा के अनुसार सेना में जाने वालों में अशोक पुत्र बस्तीराम गेनण, महेन्द्र पुत्र रामूराम गेनण, विशाल पुत्र गोपाराम गोदारा, दिनेश पुत्र ओमाराम गोदारा, सुरेन्द्र पुत्र परसाराम, रेंवतराम गेनण, बाबुलाल सारण पुत्र जोगाराम सारण, सोहन पुत्र मुल्तानराम डूडी, सोहनलाल पुत्र परसराम थळेच, मुकेश पुत्र नैनाराम बेनीवाल, निम्बाराम पुत्र पूनाराम जाखड़, अकसिंह पुत्र गेनाराम राड़, चौथाराम पुत्र भैराराम जाखड़, मुकेश पुत्र किसनाराम थोरी, गोविन्द पुत्र पप्पूराम मिर्धा एवं राकेश पुत्र ओमप्रकाश मिर्धा के नाम शामिल है। साथ ही भारतीय वायु सेना में कमाण्डो के रुप में चयनित होने वालों में किशोर भींचर, अनिल गोदारा व अनिल जाखड़ जैसे युवाओं ने कामयाबी हासिल की है।

बाजरे का नया अवतार : काजरी ने निकाले ताकत से भरपूर बाजरे के बिस्किट

वीरों की खान है सालवा

सालवा कलां गांव वाकई वीरों व शूरवीरों की खान है। इसके साथ ही करीब आठ सौ से अधिक वर्तमान एवं पूर्व सैनिक हैं और हर साल कई युवा सेना में प्रवेश कर देश सेवा को तत्पर रहते हैं।

- रामनारायण डूडी, मुख्य सचेतक राज्यसभा (भाजपा) एवं पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री राजस्थान सरकार

फैक्ट फाइल -

300 पूर्व सैनिक

550 सेवारत सैनिक

03 ने अब तक दी शहादत 17 युवा एक साथ बने सैनिक

03 युवा बने एयरफोर्स में कमाण्डो