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टेंशन व डिप्रेशन को दूर करने यूथ अपना रहा मेडिटेशन, फिटनेस के साथ निखार रहा पर्सनेलिटी

टेंशन, डिप्रेशन जैसी परेशानी आजकल के यूथ में आम है। चाहे जॉब की हो या फिर स्टडी की। स्ट्रेस उन्हें अंदर से कमजोर बनाता है, वे न तो उचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं और न ही दिमाग पर नियंत्रण रख पाते हैं।
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indian youth is practicing yoga and meditation to avoid depression

टेंशन व डिप्रेशन को दूर करने यूथ अपना रहा मेडिटेशन, फिटनेस के साथ निखार रहा पर्सनेलिटी

अविनाश केवलिया/जोधपुर. टेंशन, डिप्रेशन जैसी परेशानी आजकल के यूथ में आम है। चाहे जॉब की हो या फिर स्टडी की। स्ट्रेस उन्हें अंदर से कमजोर बनाता है, वे न तो उचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं और न ही दिमाग पर नियंत्रण रख पाते हैं। डिप्रेशन और असफलता लाइफ को काफी पीछे ले जाती है। इससे बचने के लिए पिछले कुछ वर्षों से यूथ मेडिटेशन (ध्यान) को लेकर अट्रेक्ट हुआ है। दिनचर्या में से पांच-दस मिनट का ध्यान जिन्दगी जीने का नजरिया बदल सकता है। अब प्रदेश में टूरिस्ट सीजन शुरू हुआ है ऐसे में योग के प्रति विदेशी मेहमानों का भी काफी आकर्षण देखने को मिल रहा है।

क्या है मेडिटेशन - वर्तमान में जीना ही मेडिटेशन है। एक काम करते हुए यदि हम कई बातों को सोचते हैं तो वह दिमाग विचारों का कचरा होता है। ऐसे में मेडिटेशन ही उन सभी विचारों को बाहर निकाल कर हमारे दिमाग को साफ करता है। साथ ही पास्ट व फ्यूचर की सोचने की बजाय प्रेसेंट में जीना सिखाता है।

क्यों जरूरी है - अभी अधिकांश योग गुरु मेडिटेशन को यूथ पर फोकस कर रहे हैं। यूथ जो कि किसी भी लत में पड़ जाता या फिर डिप्रेशन में चला जाता है उसे ध्यान से ही सही रास्ते पर लाया जा सकता है। 75 प्रतिशत से अधिक बीमारियां साइकोसोमेटिक यानि दिमाग से जुड़ी होती है।

कैसे शुरू करें - कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। शुरुआत में दिन के पांच मिनट भी अपने आप को एकांत में दिमाग शांत कर बैठना है। ‘नो थॉट्स’ की स्थिति में। जो भी विचार आते हैं उनको दिमाग में एंट्री नहीं देनी है। कुछ दिनों में यह समय बढऩे लगेगा और विचार कम होने लगेंगे। इससे हम वर्तमान में जीना सीख जाएंगे।

मेडिटेशन से परमानेंट खुशी
एम.ए योगा और फिटनेस एक्सपर्ट मयंक लाहोटी बताते हैं कि मेडिटेशन एक परमानेंट खुशी है। जब आप शुरू करेंगे तो कुछ दिन बाद यह महसूस करने लगेंगे कि दिमाग शांत हो जाता है और आपकी बात करने की क्षमता काफी बढ़ जाती है। दिमाग में नकारात्मक ख्याल आना बंद हो जाते हैं। मेडिटेशन आपके लक्ष्य की ओर बढऩे में मदद करता है।

मेडिटेशन इंसान को हमेशा जागरूक रखता है
काउंसलर व मास्टर इन योग पुनीत मेहता ने बताया कि मेडिटेशन को सभी एक प्रार्थना ही समझते हैं। वास्वत में ऐसा नहीं है, मेडिटेशन प्रार्थना से हटकर एक अलग चीज है। इससे आपको आत्मिक शांति मिलती है। मेडिटेशन का उद्देश्य इंसान में जागरूकता बनाए रखना है। हम जो भी काम करते हैं वह पूर्ण जागरूकता के साथ करें। आप जिसमें श्रद्धा रखते हैं उसका ध्यान करें।

पांच सीधे फायदे देता है ध्यान
योग प्रशिक्षक तन्मय भाटी ने बताया कि ध्यान हमें पांच बड़े फायदे देता है। पहला हमारी साइकोलॉजी बदल देता है। सकारात्मक सोच लाता है। शारीरिक फायदे भी हैं। इसमें कैंसर व ह्रदय की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ध्यान परर्फोमेंस बढ़ा देता है। काम करने की आपकी क्षमता का विकास होता है। व्यवहार कुशल व आपकी रिलेशनशिप मजबूत करता है। अंतिम फायदा आपके मूड को सकारात्मक करने का है। यह इंसान को खुश रहना सिखाता है।