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भारत और मालदीव के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास, समुद्र में युद्ध लडऩे का अभ्यास कर रही है जोधपुर की सैन्य टुकड़ी

जोधपुर की कोणार्क कोप्र्स की मद्रास रेजीमेंट युद्धाभ्यास में शामिल होकर ले रही है हिस्सा
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गजेंद्र दहिया/जोधपुर. भारतीय सेना की जोधपुर स्थित कोणार्क कोप्र्स की मद्रास रेजिमेंट मालदीव के समुद्र में सामुद्रिक परिस्थितियों में युद्धाभ्यास कर रही है। सेना यहां बोट्स के जरिए समुद्री बीच पर दुश्मनों पर हमले करने और नागरिकों को सुरक्षित निकालने के गुर सीख रही है। इस दौरान समुद्र के आसपास के वातावरण और वहां उपयोग में आने वाले हथियार व नई तकनीक का अभ्यास किया जा रहा है, जिससे आतंकवादियों के हाथ में समुद्री बीच पडऩे पर उसे कार्रवाई कर मुक्त कराया जा सके। यह युद्धाभ्यास 28 दिसम्बर तक चलेगा।

भारतीय सेना और मालदीव की नेशनल डिफेंस फ ोर्स के बीच मालदीव के माफिलफूशी में 15 दिसम्बर से संयुक्त युद्धाभ्यास एकुवेरिन-2018 शुरू हुआ था। युद्धाभ्यास में आर्मी के कोणार्क कोर की मद्रास रेजीमेंट हिस्सा ले रही है। कोणार्क कोर का मुख्यालय जोधपुर में है। इस रेजीमेंट को कोर की अहमदाबाद डिविजन से मालदीव भेजा गया है। युद्धाभ्यास दोनों देशों की सेना काउंटर टेररिज्म के साथ दोनों देशों के मध्य सैन्य संबंध स्थापित करने और एक दूसरे के सैन्य अधिकारियों के मध्य समझ विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच यह नौवां युद्धाभ्यास है। इससे पहले वर्ष 2017 में भारत के बेलागनी में युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया था।

जंगल में रहने व खाने के सीखे गुर
हिन्द महासागर में बसे मालदीव के जंगलों में भारतीय सैनिक घोर विपरित परिस्थिति में कार्य करने का भी अभ्यास कर रहे हैं। सैनिकों को मालदीव के जंगलों में विभिन्न पेड़-पौधों की पत्तियों व टहनियों से अस्थाई आवास बनाने और उन्हें हथियार की तरह विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया। रहवास के साथ समुद्र में भोजन के प्रबंध के लिए सामुद्रिक जीवों और वहां की पारिस्थितिकी के बारे में भी बताया गया। भोजन के लिए समुद्री जीवों का उपयोग करने सहित अन्य सामग्रियों से खाद्य प्राप्त करने का अभ्यास किया गया। इस दौरान सैनिकों की फिजिकल ट्रेनिंग भी हुई।