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हाईकोर्ट ने संक्रामक रोग संस्थान में संसाधनों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी

-स्वायत्त संस्थान बनाने के संबंध में सुझाव भी पूछे
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हाईकोर्ट ने संक्रामक रोग संस्थान में संसाधनों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी

हाईकोर्ट ने संक्रामक रोग संस्थान में संसाधनों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने संक्रामक रोग संस्थान में आधारभूत सुविधाओं तथा मानव संसाधन के पद सृजन को लेकर राज्य सरकार को एक सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ ने स्व प्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज शर्मा को संस्थान के अपग्रेडेशन, रीमॉडलिंग तथा नवीनीकरण के उद्देश्य से करवाए जा रहे कार्यों की समय सीमा बताने को भी कहा है। खंडपीठ ने राज्य सरकार से संक्रामक रोग संस्थान को एक स्वायत्त संस्थान बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे हैं। सरकार को इस संपूर्ण ब्यौरे के साथ एक सप्ताह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव का शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी। गौरतलब है कि कोर्ट ने एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डा.अरविंद माथुर, डिपार्टमेंट ऑफ हैल्थ रिसर्च, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पूर्व सचिव डा.वीएम कटोच, न्याय मित्र विकास बालिया, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता तथा मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डा.नवीन किशोरिया को शामिल करते हुए एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी को निरीक्षण के आधार पर उपकरणों की विशिष्टियां, लैब, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति के संबंध में कोर्ट को अवगत करवाना था। दरअसल, हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए 5 फरवरी, 2015 को स्व प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू की थी।