
जोधपुर . नगर निगम महापौर घनश्याम ओझा लगातार बैठकें लेते रहे और अवैध निर्माण भू-उपयोग परिवर्तन करवाए बिना वाणिज्यिक निर्माण आदि के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए यूओ नोट जारी कर निर्देश देते रहे। लेकिन इन पर कार्रवाई के बजाय लीपापोती होती रही। अब शहर में दो बड़े हादसों के बाद महापौर ने आयुक्त को पत्र लिख प्रशासनिक कार्य के प्रति नाराजगी जताई है। महापौर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में बैठकें लेकर अतिक्रमण प्रभारी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। इसके बाद भी अवैध निर्माण हो रहे हैं। पत्र में कहा गया कि इससे साफ पता चलता है निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत व अनदेखी है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।