
डांगावास कांड की ट्रायल तीन महीने तक रोकने के निर्देश
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने डांगावास कांड (dangawas case) के दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज करते हुए अधीनस्थ अदालत में चल रही ट्रायल को तीन महीने के लिए रोकने के आदेश दिए हैं। इस अवधि में केंद्रीय जांच ब्यूरो (cbi) के पुलिस अधीक्षक को फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित अधीनस्थ अदालत में पेश करने को कहा है, जिसके बाद ट्रायल पुन: शुरू होगी।
न्यायाधीश संदीप मेहता की एकलपीठ में डांगावास कांड के आरोपी प्रेमाराम और रविंद्र के जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए सीबीआइ के अधिवक्ता डॉ.सचिन आचार्य ने कोर्ट को बताया कि इस प्रकरण में 40 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें से अब तक 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। अन्य आरोपी फरार हैं और गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं। सभी आरोपी एक-दूसरे से किसी न किसी रूप से जुड़े हुए हैं, जिससे ट्रायल पर भी असर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि 14 मई, 2015 को नागौर जिले के डांगावास गांव में एक सुनियोजित हमले में पिछड़े तबके के पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी। हमले में 11 लोग गंभीर घायल हो गए थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थी। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह राजस्व रिकॉर्ड में खातेदार दलितों को भूमि के भौतिक कब्जे से बेदखल करना था। राज्य सरकार ने प्रकरण की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी।
Published on:
16 Oct 2019 08:23 pm
