1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीएड प्रथम की इंटर्नशिप के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, यूं आसान होगा प्रशिक्षण लेना

कई बाध्यताओं के बीच बीएड महाविद्यालयों को मिलेगी निजी स्कूल में भावी अध्यापकों को प्रशिक्षण लेने की छूट  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Abhishek Bissa

•

Updated: 14 Dec 2017, 3:50 PM IST

Bed colleges in jodhpur

bachelor in education, education in jodhpur, schools in jodhpur, shala darpan portal, jodhpur news

जोधपुर . प्रारंभिक शिक्षा (आयोजना) विभाग ने एक आदेश जारी कर बीएड महाविद्यालयों के प्रथम वर्ष के भावी अध्यापकों को निजी स्कूल में प्रशिक्षण करवाने की छूट दी है। हालांकि इसमें कुछेक बाध्यताएं रखी हैं, लेकिन इन सभी के मध्य प्रथम वर्ष के विद्यार्थी विकल्प के तौर पर प्रशिक्षण के लिए निजी स्कूलों का भी चयन कर सकेंगे। वहीं बीएड द्वितीय वर्ष के भावी अध्यापकों को पूर्व की तरह राजकीय विद्यालयों में ही प्रशिक्षण लेना होगा।

शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी रामावतार दाधीच ने बताया कि बीएड प्रथम व द्वितीय वर्ष के रजिस्ट्रेशन १८ दिसंबर को महाविद्यालय की ओर से होंगे। इसके लिए महाविद्यालयों को भावी अध्यापकों की रुचि के लिहाज से १० से १५ विद्यालय अपने लॉगिन से शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट करने होंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर रिक्तियों की सूची उपलब्ध रहेगी। भावी अध्यापक विद्यालयों का चयन राजस्थान के किसी भी जिले व ब्लॉक में कर सकेंगे। अपडेशन में जैसा विद्यालयों का नाम लिखा है, उसी के अनुरूप नाम लिखना होगा, यानी अक्षरों में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी है।

महाविद्यालयों को अपनी प्रोफाइल भी अपडेट करनी होगी। वहीं भावी अध्यापकों को रुचि के अनुसार पहले आओ-पहले पाओ पद्धति से ऑनलाइन विद्यालय आवंटित होगा। यदि किसी को रुचि के अनुसार विद्यालय नहीं मिलता है तो वरीयता में भरे गए प्रथम च्ॉाइस के ब्लॉक में विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा। डीईओ प्रारंभिक प्रथम धर्मेंद्रकुमार जोशी ने बताया कि सभी संस्था प्रधान व पीईईओ अपने अधीनस्थ विद्यालयों में इंटर्नशिप कर रहे प्रशिणार्थियों की अपने शाला दर्शन व शाला दर्पण पोर्टल पर अविलंब नियुक्ति कराएंगे।

एक महाविद्यालय से केवल १० प्रशिक्षणार्थी ले सकेंगे प्रशिक्षण


राज्य सरकार के जारी निर्देशों के तहत सभी महाविद्यालय एक स्कूल में अपने १० प्रशिक्षणार्थी इंटर्नशिप के लिए भेज सकेंगे। महाविद्यालय की चयनित निजी स्कूल में दूसरे महाविद्यालय के भावी अध्यापक प्रशिक्षण नहीं ले सकेंगे। प्रशिक्षण कराने के लिए महाविद्यालयों को निजी विद्यालयों से अनुमति लेनी होगी, जिसकी सूचना निर्धारित प्रपत्र में भर कर शाला दर्पण पोर्टल पर देनी होगी।