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देश की सुरक्षा में सेंध लगाने ISI ने रचाई नई साजिश, भारतीय जवानों को लगा रहे अफीम की लत!

उदयपुर व बीकानेर के 40 जवानों पर संदेह, एक को पकड़ा, उदयपुर छावनी में अफीम की आपूर्ति करने वाले दो शख्स गिरफ्तार
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ISI in rajasthan

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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आइएसआइ) भारतीय सेना के जवानों को मादक पदार्थों की लत लगाने की साजिश रच रही है। प्राथमिक तौर पर उदयपुर व बीकानेर सैन्य छावनी के करीब 40 जवानों के बाहरी लोगों से अफीम खरीदने और अन्य साथियों को आपूर्ति करने का खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों ने पिछले सप्ताह जवानों को अफीम के दूध की आपूर्ति करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर उनसे 10 तौला अफीम बरामद की थी। उनकी निशानदेही पर एक फौजी से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर 40 जवानों के अफीम आपूर्तिकर्ताओं से सम्पर्क की बात सामने आई है। खुफिया सूत्रों का कहना है स्थानीय लोगों द्वारा सैन्य छावनी में अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति असामान्य घटना है, इसलिए संदेह है कि यह आइएसआइ की साजिश हो सकती है।

खुफिया एजेंसियों को कुछ समय से उदयपुर सैन्य छावनी में अफीम का शुद्ध दूध या ऑपियम पहुंचने की जानकारी मिली थी। इस आधार पर आर्मी इंटेलीजेंस (सदर्न कमाण्ड लाइजन यूनिट) जोधपुर के अधिकारियों ने खुफिया सूचनाएं एकत्र कर एक फौजी को दबोचा। उससे पूछताछ के बाद इंटेलीजेंस के अफसर डेकॉय बनकर तस्कर से अफीम खरीदने उदयपुर छावनी के बाहर पहुंचे। वहां जालमसिंह नाम के शख्श से अफीम की 5 डब्बियां मिली। उसकी निशानदेही पर निम्बाहेड़ा से मुख्य तस्कर भगतसिंह को दबोचा गया। दोनों ने उदयपुर व बीकानेर में फौजियों को अफीम पहुंचाने की बात स्वीकार की। इसके बाद उन्हें उदयपुर की सूरजपोल थाना पुलिस को सौंप दिया गया। तस्करों की निशानदेही पर छावनी के अन्य फौजियों से पूछताछ के साथ वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पाक की साजिश का संदेह

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें आइएसआइ का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की नेटवर्किंग और फौजियों से पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं। एजेंसियों ने संबंधित यूनिट के कमाण्डिंग अधिकारियों को सतर्क कर दिया है।