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विधानसभा में गूंजा जेएनवीयू के 114 शिक्षकों के नियमित करने का मुद्दा

- जेएनवीयू शिक्षक भर्ती घोटोला - प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा, जब सैय्या भए कोतवाल तो डर काहे को
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जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षक भर्ती २०१२-१३ के ११४ शिक्षकों का हाईकोर्ट में मामला होने के बावजूद हाल ही में नियमित (कंफर्म) करने का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि इस घोटाले में कुलपति सहित अन्य शिक्षक जेल चले गए। मामला कोर्ट में है। एसीबी ने चालान पेश कर दिया है, बावजूद इसके ११४ शिक्षकों को मनमर्जी से नियमित कर दिया और अब उनके पदोन्नति की तैयारी की जा रही है।

एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के विश्वविद्यालय विधेयक पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस विधेयक की धारा ५१-१ और ५१-२ पर आश्चर्य प्रकट किया। इन दोनों धाराओं में व्यास विवि के नियम और इसके प्राधिकारी की ओर से लिए गए निर्णय एमबीएम इंजीनियरिंग विवि पर लागू होने का उल्लेख है। राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि व्यास विवि ने अपने सिण्डीकेट में ११४ लोगों को नियमित कर दिया, जबकि इस भर्ती के कई शिक्षक अयोग्य हैं जो जांच रिपोर्टों में साबित हो चुका है। भाई-भतीजावाद हुआ। कइयों के रिश्तेदार इसमें चयनित हो गए, लेकिन अब सैय्या भए कोतवाल तो डर काहे का, इसलिए इनको नियमित कर दिया गया।

न्यायालय के अधीन कहकर जेएनवीयू ने गली निकाली
गौरतलब है कि जेएनवीयू ने ११४ शिक्षकों को ८ साल बाद बगैर सरकार व हाईकोर्ट के अनुमति के इसी साल नियमित किया है, जबकि पूरी भर्ती प्रक्रिया का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। विवि प्रशासन ने शिक्षक भर्ती २०१२-१३ के संदर्भ में लिए गए अपने सभी कदमों को सही ठहराने के लिए एक गली भी निकाली है। प्रत्येक निर्णय के नीचे यह लिखा रहता है कि ‘मामला न्यायालय के निर्णय के अधीन रहेगा।’