
ग्रे वेबलर समूह के बीच नजर आए जेकोबिन कुकू के चूजे
जोधपुर. वनविभाग की ओर से प्रतिवर्ष शीतकाल में आने वाले प्रवासी पक्षियों की गणना उनके गंतव्य की ओर से उड़ान भरने से पहले पूरी की गई। बर्ड फ्लू की आशंका के कारण स्थगित पक्षियों की गणना पहली बार बिना किसी तैयारी के बावजूद पूरी की गई। संभाग के मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव ) हनमानराम चौधरी ने बताया कि वन मुख्यालय से पक्षियों की गणना संबंधी निर्देश सीधे डीएफओ को जारी हुए जिसकी पालना दो फरवरी को पूरी की गई। गणना में वनविभाग की टीमों के साथ पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। पक्षी व्यवहार विशेषज्ञ शरद पुरोहित ने बताया कि गणना में जोधपुर के कुल १४ जल बिन्दु केन्द्र अखेराज तालाब, कायलाना, गुड़ा बड़ा तालाब, तख्त सागर, बड़ली तालाब, ओलवी तालाब, रमासनी, खींचन,आगोलाई,सरदार समंद, नागदड़ी तालाब पर गणना की गई। वन विभाग और बर्ड वाचर ने सुबह- शाम गणना की। आेलवी, रमासानी,बड़ली तालाब में जलस्तर कम रहने से कई प्रजातियों के पक्षी इस बार नजर नहीं आए। खीचन में पिछले साल की तुलना में कुरजां की संख्या अधिक रही। जलीय पक्षी, मृत भक्षी वल्चर्स और शिकारी पक्षियों की संख्या इस साल बढ़ी है। हालांकि कुछ जलाशयों में जल स्तर कम रहने के कारण गत वर्ष की तुलना में ग्रेट व्हाइट पेलिकन कम ही पहुंचे। पक्षी विशेषज्ञों ने बताया कि बसंत के आगमन के साथ ही प्रवासी पक्षी अपने प्रजनन और प्राकृत क्षेत्रों की तरफ रवाना होना शुरू जाएंगे।
नजर आए जेकोबिन कुकू के चूजे
पक्षी कोविड काल के बाद जोधपुर जिले के वेटलैण्ड्स पर शीतकालीन प्रवास पर आने वाले पक्षी समूह की तादाद पिछले साल की तुलना में अधिक रही। जिले में १५० देशी-विदेशी परिंदों ने दस्तक दी इनमें सबसे बड़े पक्षी से ले कर समूहों में रहने वाली लाक्र्स भी बहुतायत में नजर आई। लंबे अर्से के बाद जेकोबिन कुकू के चूजे ग्रे वेबलर समूह के बीच नजर आए।
Published on:
07 Feb 2021 03:06 pm
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