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आजादी से पहले ये नहर बुझाती थी मारवाड़ की प्यास, अब इसके हाल जान चौंक पड़ेंगे आप

जोधपुर के कुड़ी होद से चौपासनी तक नहर के अधिकार क्षेत्र को लेकर जंग  
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avinash kewalia/जोधपुर. रियासतकाल से आजादी के बाद कई वर्षों तक जोधपुर सहित मारवाड़ के कई इलाकों की प्यास बुझाने वाली जवाई नहर आज खुद अनाथ दिखाई देती है। जवाई बांध से जोधपुर कुड़ी होद तक नहर की जिम्मेदारी पीएचईडी पाली खण्ड के अधीन है। लेकिन जोधपुर शहर के बीच से गुजर रही नहर का गला दिन-ब-दिन गला घोटा जा रहा है। इसे बचाने की बजाय सरकारी विभाग गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं।

जवाई बांध का निर्माण रियासत काल में मारवाड़ की जनता की प्यास बुझाने के लिए कराया गया था। जवाई बांध से जोधपुर कुड़ी होद तक पानी लाने के लिए 160 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण सन् 1938 में कराया गया था। जवाई से जोधपुर तक गुरुत्वाकर्षण तकनीक के उपयोग से पानी लाया जाता था। लेकिन कुड़ी होद से चौपासनी तक पानी ले जाने के लिए करीब 30 किमी नहर पर सन् 1938 में 7 पम्पिंग स्टेशन बनाए गए थे। इनमें से चार अब भी मौजूद हैं और इन पर निर्माण वर्ष स्पष्ट अंकित है। करीब 20 साल पहले नहर का उपयोग बंद हुआ तो इस पर कब्जा करने और कई जगह से नहर को पाट कर गला घोंटने के प्रयास शुरू हो गए। राज्य सरकार को नहर की बदहाली का पता है। लेकिन इसे बचाने के कोई प्रयास नहीं हो रहे।

ऐसे चल रही पत्रबाजी

- सन् 2010 से इस नहर के लिए पत्रबाजी हो रही है।
- लोगों के शिकायती पत्र पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग(पीएचईडी) उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार से भूमि स्वामित्व के कागजात मांगता है।
- पीएचईडी करीब 74 अतिक्रमण भी यहां चिह्नित करता है। कई जगह नहर को समतल कर पाटने के प्रयास भी चिह्नित हुए।
- एक पत्र में नहर के उपयोग में नहीं आ रही दोनों ओर की 50-50 फीट जमीन जेडीए को देने की बात सामने आई।
- जेडीए ने एम्स रोड पर नहर के कुछ हिस्से को काम में ले लिया।
- जेडीए भी पूरी तरह नहर अपने पास होने की जिम्मेदारी नहीं उठा रहा।
- तहसीलदार भी स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि यह जमीन किस विभाग की है।

पम्पिंग स्टेशन में से मशीनें तक गायब

1938 में बने पम्पिंग स्टेशन में से अधिकांश में मशीनें गायब हैं। भवन हैं लेकिन सार संभाल करने वाला कोई नहीं। दो पम्पिंग स्टेशन और नहर का कुछ हिस्सा जेडीए ने सड़क विस्तार और नाले बनाने के नाम पर हटा दिए। अब जो बचे हैं उनमें कर्मचारी क्वार्टर व पम्पिंग स्टेशन पर कब्जे होने लगे हैं।

इनका कहना...


नहर पर कई जगह अतिक्रमण हो गए हैं। मैंने कई शिकायतें इस संबंध में राज्य सरकार तक की। लेकिन विभाग जिम्मेदारी तय नहीं कर पा रहे।

- रामदयाल परिहार, प्रदेश संगठन मंत्री, राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ

हम लम्बे समय से अवैध निर्माण हटाने और स्वामित्व के कागजात के लिए प्रयास कर रहे थे। लेकिन कुछ दिन पहले तहसीलदार का पत्र आया, इसमें स्पष्ट किया है कि हमारे नाम से रेकर्ड दर्ज नहीं है।


- दिनेश कुमार पेडीवाल, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जोधपुर

नहर की जमीन के बारे में लम्बे समय से पत्राचार चल रहा है। पीएचईडी रखरखाव करती थी तो अवैध निर्माण भी हटाने चाहिए। भूमि वर्तमान में राज्य सरकार के नाम से दर्ज है इसकी जानकारी नहीं है।


- श्रवणसिंह राठौड़, तहसीलदार, जोधपुर