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फिर निखरेगा ऐतिहासिक घंटाघर का सौंदर्य, आर्कियोलॉजी तकनीक से पत्थरों को बनाया जाएगा वॉटरप्रूफ

ऐतिहासिक घंटाघर (क्लॉक टावर) के सौन्दर्यकरण के लिए जेडीए 49 लाख 50 हजार के विकास कार्य करवाएगा। इनमें गुम्बद और पत्थरों की मरम्मत आर्कियोलॉजी की तकनीक से की जाएगी। वहीं पत्थरों को केमिकल से वाटरप्रूफ बनाया जाएगा।
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jda will work for beautification of ghantaghar in jodhpur

फिर निखरेगा ऐतिहासिक घंटाघर का सौंदर्य, आर्कियोलॉजी तकनीक से पत्थरों को बनाया जाएगा वॉटरप्रूफ

जोधपुर. ऐतिहासिक घंटाघर (क्लॉक टावर) के सौन्दर्यकरण के लिए जेडीए 49 लाख 50 हजार के विकास कार्य करवाएगा। इनमें गुम्बद और पत्थरों की मरम्मत आर्कियोलॉजी की तकनीक से की जाएगी। वहीं पत्थरों को केमिकल से वाटरप्रूफ बनाया जाएगा। सौन्दर्यकरण का कार्य आगमी 15 दिनों के बाद शुरू किया जाएगा। इसके लिए हाल ही में नगर निगम ने कार्यवाही कर घंटाघर को अतिक्रमण मुक्त करवाया।

जेडीए आयुक्त मेघराजसिंह रतनू ने बताया कि घंटाघर के सौन्दर्यकरण के लिए घंटाघर के डोम, घंटाघर के दोनों तरफ के मुख्य द्वार, 12 गुम्बद में रंगरोगन, परिसर में फ र्श के टूटे पत्थरों की जगह उसी प्रकार के पत्थर लगाए जाएंगे। घंटाघर के अन्दर जालियां, कंगूरे, टूटे छज्जे, छतें और प्लास्टर की मरम्मत की जाएगी। यह सभी कार्य आर्कियोलॉजी की तकनीक से किए जाएंगे।

पत्थरों की होगी केमिकल वाशिंग
अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सीमा कविया ने बताया कि घंटाघर के पत्थरों की केमिकल से वाशिंग की जाएगी। इसके बाद पत्थरों को वाटरप्रूफ बनाने के लिए केमिकल ट्रीटमेंट भी किया जाएगा।

1910 में था निर्माण
शहर के बीचों बीच स्थित ऐतिहासिक घंटाघर, सरदार मार्केट का निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने वर्ष 1910 में करवाया गया था। चौपड़ के आकार के सरदार मार्केट के बीच में घंटाघर का निर्माण करवाया गया था। इसकी ऊपरी मंजिल पर लन्दन द्वारा निर्मित घड़ी लगी है।