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प्रभावशाली बच्चों के लिए जेएनवीयू ने बदले नियम, डॉक्टरेट की डिग्री के लिए सामने आया बड़ा गड़बड़झाला

प्री पीएचडी टेस्ट में 16 विद्यार्थियों के लिए विज्ञप्ति निकाली, लेकिन कोर्स वर्क शुरू होने तक 72 विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया गया। इसके लिए ऐसे शिक्षकों को भी सुपरवाइजर बनाया गया है जो 55 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और जिन्होंने पहले कभी किसी को गाइड नहीं किया।
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JNVU changed regulations of PHD for Influential children in jodhpur

प्रभावशाली बच्चों के लिए जेएनवीयू ने बदले नियम, डॉक्टरेट की डिग्री के लिए सामने आया बड़ा गड़बड़झाला

गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षकों ने अपने नाते-रिश्तेदारों को पीएचडी कराने के लिए नियमों को ताक पर रखकर चार गुणा से अधिक सीटें बढ़ा ली। प्री पीएचडी टेस्ट में 16 विद्यार्थियों के लिए विज्ञप्ति निकाली, लेकिन कोर्स वर्क शुरू होने तक 72 विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया गया। इसके लिए ऐसे शिक्षकों को भी सुपरवाइजर बनाया गया है जो 55 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और जिन्होंने पहले कभी किसी को गाइड नहीं किया।

जेएनवीयू के कला संकाय में 322 विद्यार्थियों को पीएचडी में प्रवेश मिला है। संकाय में कुल 16 विभाग है। इसमें से अकेले राजनीति विज्ञान विभाग में 22 फीसदी विद्यार्थी पीएचडी करेंगे। पिछले साल हुई प्री पीएचडी परीक्षा में 93 परीक्षार्थी बैठे। पास होने के लिए न्यूनतम पचास प्रतिशत प्राप्तांक आवश्यक है। विवि के शिक्षकों के रिश्तेदार और दोस्तों के संबंधी भी इस परीक्षा में बैठकर पास हो गए लेकिन उनकी रैंक बहुत पीछे होने के कारण वे प्रवेश नहीं ले पा रहे थे।

ऐसे में आनन-फानन में पिछले साल ही पहली रिसर्च बोर्ड की बैठक बुलाकर 16 सीट को बढ़ाकर 49 कर दिया गया। फिर भी कई चहेते पीछे रह गए, तब 11 जनवरी को दूसरी रिसर्च बोर्ड बैठक फिर बुलाई गई और इसमें 22 सीटें और बढ़ा दी। अब यह आंकड़ा 72 को छू रहा है। थोक में पीएचडी करवाने से विवि के अन्य विभाग भी हैरान हैं।

उम्रदराज शिक्षकों को पहली बार बनाया सुपरवाइजर
अपने चहेतों को पीएचडी कराने के लिए विवि के शिक्षकों ने अपने अधीन संभाग के अन्य कॉलेजों के शिक्षकों को न चाहते हुए भी सुपरवाइजर बना दिया। मगरा पूंजला कन्या महाविद्यालय के भंवरसिंह राठौड़ 56 साल की उम्र के हैं। उन्हें पहली बार सुपरवाइजर बनाया गया। राजकीय कॉलेज ओसियां की अरुणा बी कुमार की उम्र भी 55 से ऊपर है। ये भी पहली बार पीएचडी करवाएंगी। राजकीय कॉलेज पाली के महेंद्र सिंह राजपुरोहित और एक अन्य कॉलेज के अशोक तंवर को करीब 25 साल बाद अब सुपरइवाजर बनाया गया है। इन चारों को 7-7 विद्यार्थी दिए गए हैं यानी ये चारों शिक्षक एक साथ 28 छात्रों को पीएचडी करवा देंगे।

सलिए सीटें बढ़ गई
संभाग के भी अन्य कॉलेज जुडऩे से विभाग में सीटें बढ़ गई।
- प्रो. एसएल मीणा, विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, जेएनवीयू