10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेएनवीयू संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने की खारिज
less than 1 minute read
Google source verification
जेएनवीयू संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त

जेएनवीयू संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दायर 102 अपीलें सोमवार को खारिज कर दी।

मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति व न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ ने व्यास विवि की ओर से दायर अपीलें खारिज करते हुए एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा है। एकल पीठ ने 15 से 30 सालों तक संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने के आदेश जारी किए थे। इसे यूनिवर्सिटी ने खंडपीठ में अपीलों के माध्यम से चुनौती दी।
संविदा कर्मचारियों की ओर से कहा गया कि एकल पीठ के फैसले के बाद कुछ कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया, जबकि अधिकांश के खिलाफ अपीलें दायर की गई हैं। खंडपीठ ने पाया कि कुछ कर्मचारी 1991 से कार्यरत हैं और उनकी सेवाएं संतोषजनक हैं, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी उन्हें नियमित नहीं कर रही। खंडपीठ ने यूनिवर्सिटी, राज्य सरकार तथा संविदा कर्मचारियों की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं की सुनवाई के पश्चात 10 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एकल पीठ के निर्णय में कोई और असंगतता प्रतीत नहीं होती।