कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पाली, जैतारण, सोजत, फलोदी व बिलाड़ा जेलों में नहीं बंद होंगे नए बंदी

पुलिस महानिदेशक (कारागार) एनआरके रेड्डी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोई भी नए बंदियों को पुलिस सीधे जेल नहीं लाएगी। पहले आरोपी की कोविड-19 जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर तक आरोपी को अस्पताल में ही रखा जाएगा। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही बंदी को जेल में लाया जाएगा।

By: Harshwardhan bhati

Published: 24 May 2020, 02:27 PM IST

विकास चौधरी/जोधपुर. अब पाली, जैतारण व सोजत के साथ ही जोधपुर जिले के फलोदी व बिलाड़ा जेलों में कोई भी नए बंदी को नहीं रखा जाएगा। इन जेलों में आने वाले नए बंदी अब क्वॉरंटीन के लिए जोधपुर सेन्ट्रल जेल में ही रखे जाएंगे। इसके लिए जोधपुर सेन्ट्रल जेल में महिला जेल को खाली कराया गया है। चौदह दिन तक क्वॉरंटीन के बाद इन्हें सेन्ट्रल जेल में मुख्य बंदियों के साथ भेजा जाएगा।

पुलिस महानिदेशक (कारागार) एनआरके रेड्डी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोई भी नए बंदियों को पुलिस सीधे जेल नहीं लाएगी। पहले आरोपी की कोविड-19 जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर तक आरोपी को अस्पताल में ही रखा जाएगा। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही बंदी को जेल में लाया जाएगा।

नेगेटिव रिपोर्ट के बावजूद नए बंदियों को मुख्य जेल में नहीं रखा जाएगा। इनके लिए महिला जेल को खाली करवाकर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। अब न सिर्फ जोधपुर बल्कि पाली, जैतारण, सोजत, फलोदी व बिलाड़ा में गिरफ्तार व न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने वाले बंदियों को जोधपुर सेन्ट्रल जेल लाकर आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा।

चौदह से इक्कीस दिन क्वॉरंटीन करने के बाद स्वस्थ बंदियों को ही मुख्य जेल में भेजा जाएगा। वहां भेजने से पहले कोविड-19 की जांच कराई जाएगी। जेल अधीक्षक कैलाश त्रिवेदी का कहना है कि अब तक फलोदी व बिलाड़ा से बंदियों को लाया गया है।

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