जिंदगी को अलविदा कह चुके लोगों के शव उनके गांव पहुंच रहे हैं। इसमें बालिकाएं, महिलाएं व मासूम पर ही हादसे में मौत का शिकार हुए हैं। भुंगरा गांव में शनिवार को कोहराम मचा था। धधकती चिताओं की आग को देख हर आंख नम होकर रो रही थी। यहां के श्मसान घाट पर शुक्रवार को जहां दादी, पोती व जेठुते की बहु का अंतिम संस्कार हुआ था। इसकी राख अभी ठंडी ही नहीं पड़ी थी कि दोपहर बाद यहां और मृतकों की अर्थियां पहुंचने लगी। हर कोई विधाता को कोश रहा था कि हे प्रभु ये क्या कर रहे हो, लोगों के मुंह से बस यही शब्द निकल रहे थे।