
जोधपुर। शहर के मंडोर नागादड़ी के पास पहाड़ी पर स्थित देवी मंदिर से 17 फरवरी को चोरी हुई मूर्ति पुलिस ने दो दिन बाद राजसमंद जिले से बरामद की थी। लेकिन अभी तक मूर्ति को वापस मंदिर में स्थापित नहीं किया गया है। अब कोर्ट ने आदेश पारित कर मूर्ति को मंदिर के पुजारी को सौंपने के आदेश जारी कर दिए हैं। कोर्ट ने पुजारी को 5 लाख रुपये का बेल बांड जमा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पुजारी को जरूरत पड़ने पर मूर्ति को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया है। पुजारी भगवत सिंह के वकील राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि हमारी अर्जी पर कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। पुलिस कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई कर मूर्ति सौंप देगी।
मंडोर पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के जोधपुर संभाग के अंतर्गत आता है। इसके चलते अदालत ने मंडल को निर्देश दिया कि यदि उसे पुजारी को मूर्ति सौंपने में कोई आपत्ति है तो वह 18 मार्च को उसके समक्ष पेश हो, लेकिन दो दिन तक मंडल की ओर से कोई आपत्ति पेश नहीं की गई। इसके बाद गुरुवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संख्या पांच के न्यायिक अधिकारी ने मूर्ति पुजारी को सौंपने का आदेश पारित कर दिया।
17 फरवरी की सुबह जब पुजारी मंदिर गये तो मूर्ति वहां नहीं थी। पुलिस ने टीमें गठित कर जांच शुरू की। मंदिर के आसपास कोई सीसीटीवी नहीं था। लेकिन पूरे इलाके में मूर्ति चोरी की घटना के बाद पुलिस ने इलाके के 400 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। उनसे मिले सुरागों के आधार पर जांच की गई। जिसके आधार पर राजसमंद जिले के लोगों की पहचान की गई। पूछताछ में पता चला कि महेंद्र सिंह, शोभाग सिंह, दिनेश सिंह और भेरूसिंह व अन्य ने गुप्त नवरात्रि के दौरान अपने गांव में स्थापित करने के लिए यहां से मूर्ति चुराई थी। जिसे पुलिस बरामद कर वापस ले आई।
Published on:
21 Mar 2024 09:47 pm
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