2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेडीए करवा रहा कागजों में अतिक्रमण की सफाई…

- गांव में नाडी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Deenbandhu vashistha

•

Updated: 13 Nov 2017, 6:34 PM IST

jodhpur developmental authority

jodhpur developmental authority

- गांव में नाडी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला

अदिती जैन. जोधपुर विकास प्राधिकरण के अफसर संपर्क पोर्टल पर आई शिकायतों के निस्तारण के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्राम संख्या कालीजाल के खसरा संख्या १०, 10/1, 12, 57, 157, 150/1 व अन्य खसरे की कुल १८३ बीघा सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण हटाने के मामले में जेडीए ने कागजी खानापूर्ति कर मामले को ही निपटा दिया है। इस बात का खुलासा संपर्क पोर्टल पर निस्तारण करने की रिपोर्ट डालने के बाद हुई ग्रामीणों की शिकायत से हुआ है। उक्त अतिक्रमण मामले को लेकर हाईकोर्ट भी निर्देश दे चुका है। साथ ही कलक्टर भी जनसुनवाई में जेडीए आयुक्त को कार्रवाई के आदेश दे चुके हैं, फिर भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के हालात जस के तस है, जिससे प्राधिकरण की कार्यशैली का पता चल रहा है।

अतिक्रमण के नाम पर जमीन खुदवा दी

कालीजल के क्षेत्रवासियों ने संर्पक पोर्टल पर लगातार हो रहे अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। लोगो ने बताया कि यहां करीब ९९ बीघा जमीन पर अतिक्रमण को लेकर वे पिछले ३ सालों से शिकायत दर्ज करवा रहे है। लेकिन जेडीए सिर्फ कागजों में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सरकार को गुमराह कर रहा है।इस बात का खुलासा संपर्क पोर्टल पर निस्तारण करने की रिपोर्ट डालने के बाद हुई ग्रामीणों की शिकायत से हुआ है। उक्त अतिक्रमण मामले को लेकर हाईकोर्ट भी निर्देश दे चुका है। साथ ही कलक्टर भी जनसुनवाई में जेडीए आयुक्त को कार्रवाई के आदेश दे चुके हैं, फिर भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के हालात जस के तस है, जिससे प्राधिकरण की कार्यशैली का पता चल रहा है।

मामले में बार-बार एेसा दिखाया

मामले में बार-बार एेसा दिखाया जा रहा है कि जेडीए ने अतिक्रमण का सफाया कर दिया है परंतु सच ये है कि आज भी यहां अतिक्रमण चल रहे है। कलक्टर के निर्देश व हाइकोर्ट के आदेश जिसमें उसने कहा कि २४ जनों को छोड़ शेष सभी पर तुरंत कारवाई कर अतिक्रमण हटाया जाएं, लेकिन जेडीए ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने के नाम पर जमीन खुदवाकर कागजों में खानापूर्ति कर दी।