10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डिस्कॉम के इस प्रोजेक्ट से सुधरेंगे भीतरी शहर के हाल, कम वोल्टेज और बिजली गुल की समस्या हो जाएगी दूर

‘वॉल सिटी’ के बिजली सिस्टम को 36 करोड़ की संजीवनी, सुरक्षा और निर्बाध बिजली के लिए प्रोजेक्ट को मंजूरी  
2 min read
Google source verification
jodhpur discom news

jodhpur discom, jodhpur discom latest news, electricity supply in jodhpur, jodhpur news, jodhpur news in hindi

अविनाश केवलिया/जोधपुर. चार दीवारी के भीतर बसे पुराने शहर को बिजली के झूलते बिजली तारों और हादसे के खतरे से मुक्त कर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधन ने ‘वॉल सिटी पावर रिनोवेशन प्रोजेक्ट’ को स्वीकृति दे दी है। इससे सालों पुरानी शहर की समस्या से निजात मिलने की संभावना है। करीब 36 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट के तहत 11 केवी के साथ एलटी लाइनों को सुरक्षित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा लो वोल्टेज और बार-बार गुल होती बिजली की समस्या को दूर करने के लिए पावर सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। प्रोजेक्ट की टैंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। काम पूरा होने में करीब एक साल लगेगा।

एक नजर में प्रोजेक्ट
- 36.56 करोड़ है इस प्रोजेक्ट की कुल लागत।
- 11 केवी लाइन इनसुलेटेड की जाएगी।
- एलटी लाइन को एबी केबल को रिप्लेस किया जाएगा।
- 1 साल में होगा पूरा।
- नए ट्रांसफार्मर व फीडर होंगे पृथक

सुरक्षा पर फोकस

शहर के भीतरी क्षेत्र में फिलहाल स्थिति इस प्रकार है कि घरों की छतों व बालकनी से लगती बिजली लाइनें गुजर रही है। ऐसे कई बार हादसों का डर बना रहता है। पूर्व में इस प्रकार के हादसे हुए भी हैं। अब 11 केवी लाइन व एलटी लाइन लोगों को इंसुलेट करने व कोटिंग करने से इन हादसे की वजह को न्यूनतम करने के प्रयास है।

सुविधा देने का प्रयास
इस प्रोजेक्ट का दूसरा उद्देश्य सुरक्षा के साथ सुविधा देना भी है। इसमें ऐसे फीडर जिस पर अत्यधिक बिजली कनेक्शन है उनको पृथक किया जाएगा। नए छोटे फीडर बनाए जाएंगे। जिससे कि यदि बिजली सिस्टम में खराबी हो तो एक फीडर कम से कम लोगों के लिए परेशानी का कारण बने। इसके साथ ही वोल्टेज अप-डाउन की समस्या को दूर करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम भी किया जाएगा।

शहर में नहीं हो सकता सुरक्षा का यह उपाय

भीतरी शहर में सुरक्षित बिजली सिस्टम के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग की प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की गई थी। लेकिन शहर संकरी गलियां और पेयजल के साथ सीवरेज लाइन की कम गहराई इस प्रोजेक्ट में आड़े आती रही। साथ ही भीतरी शहर में कई स्थानों पर अंडरग्राउंड वाटर लेवल अप है, इस कारण अंडरग्राउंड बिजली केबल प्रोजेक्ट सफल नहीं हो पाया।

इनका कहना...
‘प्रोजेक्ट की टैंडर प्रक्रिया चल रही है। काम शुरू होने के बाद एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। चार दीवारी के भीतर बसे शहर का बिजली सिस्टम मजबूत करना इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है।

- वीके छंगाणी, अधीक्षण अभियंता शहर, जोधपुर डिस्कॉम।