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जोधपुर संभाग को मिला एक और मोबाइल फूड सैफ्टी वाहन

  ये वैन जोधपुर, अजमेर,कोटा और जयपुर संभाग में भेजी गई हैं
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जोधपुर संभाग को मिला एक और मोबाइल फूड सैफ्टी वाहन

जोधपुर संभाग को मिला एक और मोबाइल फूड सैफ्टी वाहन

जोधपुर. जोधपुर संभाग को एक और मोबाइल फूड सैफ्टी वाहन मिला है। इससे पहले एक और वाहन जोधपुर में पहले से है। इससे चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने गत दो दिन पहले हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने गत मंगलवार को अपने राजकीय आवास से 4 मोबाइल फूड सेफ्टी लैब वैन को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। ये वैन जोधपुर, अजमेर,कोटा और जयपुर संभाग में भेजी गई हैं। राज्य में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकारण नई दिल्ली की ओर से 5 खाद्य चल प्रयोगशाला वर्ष 2019-2020 में उपलब्ध करवाई गई, जो उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर एवं बीकानेर संभाग को आवंटित की गई थी। वर्ष 2020-2021 में 4 अतिरिक्त खाद्य चल प्रयोगशालाओं को अजमेर एवं कोटा में पहले से उपलब्ध नहीं होने के कारण उपलब्ध करवाई जा रही है। जोधपुर एवं जयपुर में कार्य की अधिकता को ध्यान में रखते हुए 1-1 अतिरिक्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं। एक खाद्य चल प्रयोगशाला की अनुमानित लागत 41 लाख रुपए है। चल प्रयोगशालाओं के लिए वाहन चालक एवं लैब टेक्निशियन की व्यवस्था संबंधित संयुक्त निदेशक जोन से की जाएगी। चल प्रयोगशालाओं का मुख्य उद्देश्य सर्विलेन्स के आधार पर मौके पर ही खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच कर उपभोक्ता या विक्रेता को खाद्य पदार्थ के सुरक्षित या असुरक्षित होने की जानकारी देना है।

चल प्रयोगशाला में ये है सुविधा चल प्रयोगशाला में मुख्य उपकरण मिल्को एनालाइजर, डिजिटल रिफ्रे क्टोमीटर, डिजीटल मल्टीमीटर, ऑटो क्लेव, रेपिड पैथोजन डिटेक्शन किट, डायग्नोस्टिक रीडर, फ ्राईंग ऑयल मॉनीटर आदि इन उपकरणों के माध्यम से दूध, घी,मावा, पनीर मसाले व अन्य खाद्य पदार्थों की स्पॉट एनालिसिस किया जा सकता है। कोई भी उपभोक्ता, उत्पादक किसी भी तरह की मिलावट होने पर क्षेत्र के सीएमएचओ के जरिए न्यूनतम शुल्क पर जांच करवा सकता है। इन पदार्थों की जांच रिपोर्ट ऑन स्पाट 25 से 30 मिनट में उपलब्ध हो सकेगी। जांचें सर्विलांस के अधीन होती हैंं और उनके अनसेफ ,मिसब्रांड और सब स्टैडर्ड होने पर एक्ट के अनुसार कार्यवाही की जा सकती है। उल्लेखनीय हैं कि प्रदेश में 11 स्थाई प्रयोगशालाएं पहले से ही संचालित हैं। 9 मोबाइल वैन के साथ कुल 20 प्रयोगशालाओं से खाद्य पदार्थों में मिलावट पर नियंत्रण किया जा सकेगा।