जोधपुर किले में है 16 गणपति की मूर्तियां

गणेश महोत्सव - 4

बिग बी के ब्लॉग पर छाए थे जोधपुर के प्रथम पूज्य

156 साल पहले थे जोधपुर शहर में 241 गणपति मंदिर

By: Nandkishor Sharma

Updated: 25 Aug 2020, 11:02 PM IST

नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर.मेहरानगढ़ के जयपोल के बाहर, लाखन पोल दरवाजे के पीछे, इमरती पोल के पास, जोधाजी फलसे के पास, लोहापोल के सामने, वागा कोठार, कळी कोठार, भैरुपोल के सामने बुर्ज के नीचे, फतेहपोल के पास, इमरती भाव कमठां डेरा में, ध्रुव पोल के सामने, जनाना महल परकोटा, रसोड़ा में और खजाना भंडार सहित कुल 16 जगहों पर गणपति की मूर्तियां स्थापित है। फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तां की शूटिंग के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जब 5 मार्च 2018 को जोधपुर आए थे तब उन्होंने मेहरानगढ़ जयपोल के बाहर गणेश की मूर्ति के दर्शन किए और अपने ब्लॉग में दस मार्च को मेहरानगढ के जयपोल के बाहर गणपति की कृपा और .. 20 मार्च को धन्यवाद जोधपुर.. और जोधपुर शहर की संस्कृति को समृद्ध बताया था।

15 दशक पहले भी विनायकमय जोधपुर

. करीब 156 साल पहले विक्रम संवत 1921 में शहर परकोटे के भीतर व बाहर कुल 241 गणपति मंदिर थे। इनमें अधिकांश मंदिरों में आज भी पूजन जारी है। दरअसल तत्कालीन जोधपुर महाराजा ने विक्रम संवत 1921 में जोधपुर के समस्त मंदिरों व देवमूर्तियों पर दीपदान का आदेश दिया था। आदेश के तहत जोधपुर में करीब 1400 मंदिरों और देव विग्रहों की सूची तैयार की गई और दीपावली पर दीपदान किया गया था। महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश में संग्रहित हस्तलिखित प्राचीन बही में उल्लेख है कि जोधपुर के समस्त धर्म-संपद्रायों के पूजा स्थलों को दीपदान में शामिल किया गया था इनमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों के 241 गणपति मंदिर भी शामिल थे। वर्तमान समय की तरह तब रोशनी की सुविधाएं नहीं होने के कारण राज्य की ओर से दीपदान की व्यवस्थाएं की जाती थी। बही संख्या 3120 में 'महाराज हणवंत सिंह री सरकार तालके री बही में समस्त देवतां रै दीपदान करावण रो हुकम हुवौ तरै दीपदान करायो तीण री जमा खरच रो चौपनीयों ई। काती वद रविवार संवत 1921" लिखा गया है।
बही में दी गई मंदिरों की सूची के अनुसार परकोटे के भीतरी शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में गणपति के 47 मंदिर, ब्रह्मपुरी में 26, लोढ़ों की गली में 14, सिंहपोल में 24, पुंगलपाड़ा में 85 और चांदपोल के बाहर मंदिरों आदि में 45 याने कुल 241 गणपति की मूर्तियां चिह्नित की गई थी। इन मूर्तियों में मेहरानगढ़ के अंदर और बाहर शामिल गणपति की मूर्तियां शामिल नहीं थी।

Nandkishor Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned