
जोधपुर.ऱाजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विजय विश्नोई की अदालत ने बचपन में हुई रिश्ते की बात के आधार पर शादी से इनकार करने पर सीए लड़की को धमकाने और परिजन से 16 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर वसूलने के बाद भी समाज से बहिष्कृत करने की धमकी देने के मामले में जेल में बंद समाज के चार पंचों को राहत देते हुए लालाराम व अन्य को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी लालाराम व अन्य की ओर से मुक्तेश माहेश्वरी व आईदानसिंह ने पक्ष रखा। इन पंचों को बनाड़ पुलिस ने एक नवम्बर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बीस दिन जेल में रहने के बाद निचली अदालत ने पंचों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
यह है मामला
सीए दिव्या चौधरी की ओर से पिछले माह जातीय पंच प्रभुराम धोचक, बगाराम सिंगड़, बंशीलाल थोरी, शंकरलाल थोरी, पप्पाराम थोरी व गोपाराम थोरी के साथ ही अन्य के खिलाफ पुलिस आयुक्त को परिवाद प्रस्तुत किया था। इस पर पुलिस आयुक्त आलोक वशिष्ठ के हस्तक्षेप बाद इस मामले में वांछित अन्य अभियुक्त लालाराम पुत्र भैराराम, जेठाराम पुत्र हरदान राम, धोकलराम पुत्र मंगाराम ओमप्रकाश पुत्र रूपाराम जाट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था और अदालत के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया था।