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Jodhpur Fuel Crisis: HPCL के कई पंपों पर खत्म हो गया पेट्रोल-डीजल, आपूर्ति का चक्र बिगड़ा, जनता परेशान

Petrol-Diesel Crisis: जोधपुर में HPCL के पेट्रोल पंपों पर ईंधन संकट गहराता जा रहा है। 10 दिनों से सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई पंप ड्राई हो गए हैं।
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देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े : (Photo- Patrika)

जोधपुर। जोधपुर बेल्ट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के पेट्रोल पंपों पर ईंधन संकट गहराता जा रहा है। करीब 80 पंपों के नेटवर्क में से एक दर्जन से अधिक पंप या तो पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं या अगले 24-48 घंटे में स्टॉक खत्म होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा दबाव हाईवे और ग्रामीण इलाकों में दिख रहा है, जहां वैकल्पिक पंप दूर होने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

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पिछले करीब दस दिनों से एचपीसीएल डिपो से आपूर्ति का चक्र बिगड़ा हुआ है। पंप संचालकों के अनुसार सामान्य तौर पर रोज या एक दिन छोड़कर होने वाली सप्लाई अब 3-4 दिन में एक बार ही पहुंच रही है। इससे बिक्री प्रभावित होने के साथ ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना भी चुनौती बन गया है। शहर में भगत की कोठी स्थित कंपनी के स्वयं के कोको पंप पर भी कमी के हालात सामने आए हैं, जो सप्लाई सिस्टम में आई गड़बड़ी का संकेत माना जा रहा है।

अग्रिम भुगतान के बावजूद इंडेंट निरस्त

पंप संचालकों का आरोप है कि अग्रिम भुगतान कर डाले गए इंडेंट तक निरस्त किए जा रहे हैं और नए इंडेंट समय पर प्रोसेस नहीं हो रहे। इससे नकदी फंसी होने के साथ परिचालन लागत बढ़ रही है। कई संचालकों ने बताया कि सीमित स्टॉक के चलते उन्हें राशनिंग जैसे हालात में बिक्री करनी पड़ रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है।

अन्य कंपनियों के पंपों पर राहत

इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के पंपों पर फिलहाल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सालावास डिपो से नियमित सप्लाई मिल रही है और मांग के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि अतिरिक्त स्टॉक देने से कंपनियां फिलहाल बच रही हैं, ताकि संतुलन बना रहे।

सप्लाई चेन की कड़ी : इंडियन ऑयल से ही होता है प्रवाह

जोधपुर के सालावास क्षेत्र में तीनों कंपनियों के डिपो मौजूद हैं, लेकिन पाइपलाइन के जरिए ईंधन की आपूर्ति इंडियन ऑयल की रिफाइनरी से होती है। वहीं से प्राप्त पेट्रोल-डीजल एचपीसीएल और बीपीसीएल को वितरित किया जाता है। ऐसे में इस कड़ी में आई किसी भी बाधा का सीधा असर एचपीसीएल नेटवर्क पर अधिक स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

कुछ पंप ड्राई हो सकते हैं, लेकिन वे फंड की वजह से है। कोको पंप का ऑपरेटर चेंज हुआ था, इसलिए ड्राई था। अब वह सही है। हमारे पास स्टॉक की कमी नहीं है। वैसे मैं मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हूं।

  • नवीन कुमार, सेल्स ऑफिसर, एचपीसीएल डिपो

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