राजस्थान की सबसे बड़ी जीरा मंडी खुली, कृषि उपज की आवक शुरू, पर गति धीमी

प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंड़ी खुल गई। प्रदेश में लगाए गए कृषक कल्याण कर के विरोध में गत 6 मई से जीरा मंडी सहित अन्य कृषि मंडियां बंद रही। 16 दिनों तक मंडी में खुली बोली नीलामी से कोई व्यापार नहीं हुआ।

By: Harshwardhan bhati

Published: 24 May 2020, 07:40 PM IST

जोधपुर. प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंड़ी खुल गई। प्रदेश में लगाए गए कृषक कल्याण कर के विरोध में गत 6 मई से जीरा मंडी सहित अन्य कृषि मंडियां बंद रही। 16 दिनों तक मंडी में खुली बोली नीलामी से कोई व्यापार नहीं हुआ। मंडी बंद रहने से सरकार को मंडी शुल्क के रूप में मिलने वाला राजस्व का भी नुकसान हुआ।

मंडी खुलने से जीरा, इसब सहित अन्य कृषि जिंसों की आवक शुरू हुई, लेकिन अभी आवक कम होने से व्यापार की गति धीमी है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी खुल गई है तो धीरे-धीरे कृषि जिंसों की आवक होगी व व्यापार पटरी पर आ जाएगा। सरकार की ओर से कर में पूरी राहत नहीं दी गई है, इसलिए विरोध तो बरकरार रहेगा।

सीएम से मिले प्रदेश के व्यापारी
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के नेतृत्व में 21 मई को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिला। जोधपुर से जीरा मंडी व्यपार संघ अध्यक्ष पुरुषोत्तम मूंदड़ा व अमित लोहिया शामिल हुए। उन्होंने राज्य में उत्पादित होने वाले सभी कृषि जिंसों को इस कर से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की।

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