
जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने विभिन्न कार्यों को लेकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों संस्थाओं के छात्र, शिक्षक और डॉक्टर एक दूसरे के रिसर्च कार्यों में सहयोग के साथ प्रयोगशालाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। एक ही छात्र अपनी जरूरत अनुसार दोनों संस्थाओं से संयुक्त पीएचडी प्राप्त कर सकेगा। इससे अनुंसधान को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले एम्स ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जयनारायण व्यास विवि व काजरी के साथ भी समझौता किया है।
दोनों संस्थानों के बीच मंगलवार को एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। सहमति के अंतर्गत दोनों संस्थान एक दूसरे के पूरक होंगे। मिलकर कई क्षेत्रों में काम करेंगे। शोध, स्वास्थ सम्बन्धी मेडिकल डिवाइस, सेमीनार, कार्यशाला और शिक्षा इस समझौते के अंतर्गत होगी। इसके अलावा फैकल्टी और स्टूडेंट्स का एक्सचेंज, प्रयोगशालाओं का आपसी उपयोग और साझा प्रकाशन भी कर पाएंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से 2 कार्यशाला और हैकथॉन भी करेंगे।
एम्स की ओर से निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा और आईआईटी के निदेशक डॉ सीवीआर मूर्ति ने समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर आईआईटी की तरफ से संस्थान के सलाहकार एमएल बापना, डॉ. मधु दीक्षित, डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. दीक्षित सहित अन्य फैकल्टी मेंबर्स उपस्थित थे। एम्स से उप निदेशक एनआर विश्नोई, डीन डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. शिल्पी दीक्षित, डॉ. अभिनव दीक्षित और डॉ. पंकज भारद्वाज सम्मिलित हुए।