
hockey stadium, stadiums in jodhpur, sports facilities in jodhpur, sports facilities in jodhpur government school, Major Dhyan Chand, National Sports Day, jodhpur news, jodhpur news in hindi
अमित दवे/जोधपुर. हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद की याद में देशभर में बुधवार को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाएगा। ताज्जुब की बात है कि जोधपुर शहर की सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय खेल हॉकी का मैदान ही नहीं है। ऐसे में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी कैसे तैयार होंगे? जोधपुर शहर में सैकण्डरी व सीनियर सैकण्डरी स्कूल मिलाकर करीब 60 स्कूलें संचालित हो रही है। इनमें एक भी स्कूल में हॉकी का मैदान नहीं है। वहीं, जिले में प्रारंभिक से माध्यमिक तक संचालित हो रही करीब 3500 सरकारी स्कूलों में 1500 से अधिक स्कूलों में खेल मैदान नहीं है। करीब 500 से अधिक स्कूलों में खेल मैदान पूर्ण रूप से विकसित नहीं है।
जिले की कई स्कूलों में कोच व शारीरिक शिक्षक नहीं है। कई एक्सपर्ट कोच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स (एनआईएस) से विशेष कोचिंग डिप्लोमा लिए है। उन एक्सपर्ट कोचों व शारीरिक शिक्षकों को ऐसी जगह पोस्टिंग दी हुई है, जहां खेल मैदान विकसित नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं में हॉकी की टीमों की संख्या दहाई के आंकड़े तक मुश्किल से पहुंचती है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 33 जिलों से 15-20 टीमें ही पहुंचती है। इस वर्ष जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अंडर 19 छात्र वर्ग में 12 व छात्रा वर्ग में 6 तथा अंडर 17 में छात्र वर्ग में 6 व छात्रा वर्ग में 6 टीमें ही आई। जिले में हॉकी ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ स्कूलों तक ही सिमट गई है। इनमें तिलवासनी, बापिणी, चिरढाणी, भावी व चांदेलाव आदि गांवों की स्कूलों से टीमें आती है। जहां एक्सपर्ट कोच खिलाडिय़ों व टीमों को तैयार कर रहे हैं।
जिला स्तर पर नेहरू हॉकी प्रतियोगिता की स्थिति
वर्ष----- टीमें
2017-- 06
2018-- 08
हॉकी एसोसिएशन नहीं
जोधपुर में जिला स्तर पर हॉकी एसोसिएशन ही नहीं है। जिला क्रीड़ा परिषद् से संबंद्ध खेलों में हॉकी खेल रजिस्टर्ड नहीं है। जिला खेल अधिकरी गोविन्दसिंह परिहार ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद चुनाव नहीं होने व अन्य कारण से एसोसिएशन नहीं बनी। तदर्थ समिति बनाने के लिए अवगत भी कराया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय तक पहुंच ही नहीं पाते।
हॉकी व अन्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों में बजट आवंटन होने चाहिए। साथ ही, स्कूलों में खेल पीरियड को अनिवार्य किया जाना चाहिए।
-हापूराम चौधरी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ
स्कूलों से ही हॉकी की प्रतिभाओं को तैयार किया जाना चाहिए। स्कूलों में हॉकी के मैदान, संसाधन व सुविधाएं विकसित होने चाहिए। तभी अच्छे परिणाम आएंगे।
महेनद्रसिंह शेखावत, पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
Published on:
29 Aug 2018 01:51 pm
