
जोधपुर नगर निगम बजट : हर वार्ड में 50 लाख का कार्य करवाने की हुई थी घोषणा, एक वार्ड में भी पूरा नहीं हुआ लक्ष्य
जोधपुर. शहरी विकास की नई और बड़ी लकीर नगर निगम आगामी बजट में खींचने की तैयारी कर रहा है। पहली बार दो नगर निगम (उत्तर व दक्षिण) का बजट तैयार किया जा रहा है। लेकिन पिछला बजट जो बोर्ड का अंतिम बजट था, उसमें की गई घोषणाएं भी पूरी नहीं हुई। चुनावी साल का अंतिम बजट घोषणाएं तो कई लेकर आया, लेकिन उसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका। सबसे बड़ी बात हर वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर 50 लाख रुपए खर्च करने की थी, लेकिन एक भी वार्ड में यह काम पूरा नहीं हो सका।
बजट की 4 बड़ी घोषणाओं का हाल
नहीं हुए 50 लाख के विकास कार्य
हर वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर 50-50 लाख के विकास कार्य करवाने की घोषणा की गई थी। इसके अलावा विधायकों, उप महापौर व नेता प्रतिपक्ष की अनुशंसा पर एक-एक करोड़ के काम करवाने की बात कही। एक भी वार्ड में पूरे 50 लाख के कार्य नहीं हुए। जिन वार्ड में सीवरेज और सडक़ के काम शुरू भी हुए वह भी अधूरे हैं। सडक़ों की स्थिति अब भी कई मोहल्लों में बदहाल है।
महिला स्नानघर की स्थिति
हर वार्ड में दो महिला स्नानघर बनाने की घोषणा की गई। लोकाचार के समय महिलाओं को होने वाली समस्या को ध्यान में रखते हुए यह घोषणा की गई थी। लेकिन एक भी वार्ड में यह प्रयोग पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में इसका लाभ नहीं मिल सका। हालांकि पिछले साल 10 से ज्यादा वार्ड में इसके लिए टैंडर प्रक्रिया अपना कर काम शुरू करवाया गया।
तालाबों के लिए अब टैंडर
गंगलाव और बाइजी तालाब की बदहाली को सुधारने, यहां से तालबा हटा कर विकास करवाने की घोषणा भी की गई थी। जिसे बाद में राज्य सरकार ने अपने बजट में शामिल किया और इस पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। इन तालाबों पर विकास कार्यों के टैंडर जारी हो चुके हैं।
ब्लू सिटी का प्रोजेक्ट अधूरा
नगर निगम ने एक सपना शहर को पूरी तरह से ब्लूसिटी बनाने का भी दिखाया था। इसका काम जोर-शोर से शुरू हुआ। लेकिन इसके बाद थम गया। न तो स्थानीय लोगों में जागरूकता के प्रयास किए गए और न ही इसके लिए कोई बजट जारी हुआ। ऐसे में भीतरी शहर के सभी मकानों को एक समान ब्लू रंग देने की मुहिम अब भी ठंडे बस्ते में है।
क्या कहते हैं पूर्व महापौर
हमने हर वार्ड में 50 लाख रुपए के काम की घोषणा की थी। 25 लाख के कार्य तो हम थे तब तक ही शुरू करवा दिए थे। कई वार्ड में पूरे काम भी हुए हैं। महिला स्नानघर भी 15 वार्ड में बनाना शुरू हो गए थे। तालाबों की सफाई का काम हमने शुरू किया और अब राज्य सरकार उसी तर्ज पर इनके टैंडर करवा रही है।
- घनश्याम ओझा, पूर्व महापौर, नगर निगम जोधपुर
Updated on:
19 Feb 2020 04:19 pm
Published on:
19 Feb 2020 04:19 pm
