
Child Marriage in Jodhpur: महज चार महीने की उम्र में बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ी अनिता को करीब 20 साल तक दंश झेलने के बाद आखिरकार मुक्ति मिल गई। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती के संबल से वह बाल विवाह से मुक्त हुई। जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 के न्यायाधीश वरुण तलवार ने अनिता के बाल विवाह निरस्त का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। संभवत: पहली बार बाल विवाह निरस्त के प्रकरण में पारिवारिक न्यायालय ने तथाकथित पति से बालिका वधू को वाद खर्च भी देने का आदेश दिया है।
देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाने के बाद लगातार मुहिम चलाकर डॉ. कृति भारती ने अब तक 52 जोड़ों के बाल विवाह निरस्त करवा रिकॉर्ड कायम कर रखा है। देश में 2100 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं। चाइल्ड एंड वुमेन राइट एक्टिविस्ट और एडवोकेट डॉ. कृति का नाम 9 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉड्र्स बुक्स में दर्ज हो चुका है।
जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र की निवासी किसान परिवार की बेटी 21 वर्षीय अनिता का महज 4 महीने की उम्र में बाल विवाह हुआ था। जिसके बाद से लगातार बाल विवाह का दंश झेलती रही। लगातार ससुराल पक्ष उसका गौना करवा कर ससुराल भेजने का दबाव बनाए हुए था। वहीं कई तरह से प्रत्यक्ष और परोक्ष धमकियां मिल रही थी। अनिता ने डॉ. कृति से मुलाकात कर खुद की पीड़ा बयां की। जिसके बाद डॉ. कृति ने अनिता के बाल विवाह निरस्त का वाद जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 में दायर किया।
अनिता का बाल विवाह निरस्त करवाने के बाद अब उसके बेहतर पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं। मेरी मुहिम का लक्ष्य है कि बाल विवाह इतिहास की किताबों में दफन हो जाए।
कृति दीदी की मदद से मैं बाल विवाह की बंदिश से मुक्त हो गई हूं। अब मैं अपने पैरों पर खड़े होकर सपने पूरे करूंगी।
Published on:
01 Oct 2024 08:16 am
