
फाइल फोटो पत्रिका
जोधपुर. अनुसूचित जाति व जनजाति मामलात की विशेष अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर से फरार हुए 16 दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। उधर, आठ दिन बीतने के बाद एक भी दोषी पकड़ा नहीं जा सका है। इतना ही नहीं, उदयमंदिर थाना पुलिस को अब तक 16 दोषियों को सुनाई सजा की ऑर्डर शीट नहीं मिल पाई है।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में ओसियां तहसील के पड़ासला गांव निवासी जगदीशराम, हड़मानराम, चोलाराम, जगदीश, ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश, दीपाराम, इमरताराम, अचलाराम, लालाराम, भीखाराम, जस्साराम, कुंभाराम, अशोक, पूनाराम, चाडी निवासी मांगीलाल व खींवकरण सिंह उर्फ खींयाराम के खिलाफ कोर्ट परिसर से फरार होने की एफआइआर दर्ज कराई गई थी। अभी तक इनमें से कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। एससी-एसटी मामलात की विशेष अदालत ने इन 16 दोषियाें के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
एफआइआर में आरोप है कि गत 26 सितम्बर की दोपहर एक बजे 16 दोषियों को सात-सात साल सजा सुनाई गई थी। इसके बाद चालानी गार्ड बुलाई गई थी, लेकिन गार्ड के पहुंचने से पहले सभी दोषी कोर्ट से निकल गए थे। चालानी गार्ड सजा सुनाने से पहले बुला ली जाती तो शायद दोषी भाग नहीं पाते। हालांकि कोर्ट परिसर से फरार होने का खुलासा दोषियाें के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रकरण में 26 सितम्बर की देर रात एफआइआर दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दबाए रखा। इतना ही नहीं, पुलिस की मानें तो उन्हें अभी तक सजा के आदेश संबंधी ऑर्डर शीट नहीं मिली है। पुलिस को फरार दोषियों के गांव के बारे में तो जानकारी है, लेकिन इनके गांव कौन से थाना क्षेत्र में आते हैं, इससे पुलिस अनजान है।
फरार 16 दोषियों को 31 जनवरी 2012 की रात पड़ासला गांव में मकानों पर हमला, आग जलाने और हमला कर आधा दर्जन से अधिक लोगों को चोटिल करने व दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने पर सात-सात साल सजा सुनाई गई थी। फरार होने से इन सभी की परेशानी औश्र बढ़ गई है। एक और एफआइआर में आरोपी तो बनें ही हैं साथ ही साथ यह सभी दोषी फरारी के दौरान सजा के खिलाफ ऊपरी कोर्ट में अपील नहीं कर सकेंगे।अपील करने के लिए उन्हें पहले गिरफ्तार होना पड़ेगा।
Published on:
04 Oct 2025 03:12 pm
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