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जोधपुर के मेजर शैतानसिंह चौराहे का कायाकल्प होगा

जोधपुर विकास प्राधिकरण शहर के पावटा पर बने मेजर शैतानसिंह चौराहे की शक्लो- सूरत बदल जाएगी। जेडीए ने पावटा स्थित परमवीर मेजर शैतानसिंह भाटी चौराहे के सौन्दर्यीकरण व विकास कार्य का शिलान्यास किया।  
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जोधपुर

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MI Zahir

Oct 05, 2018

jodhpur's Major Shaitansingh circle of Jodhpur will be renovated

jodhpur's Major Shaitansingh circle of Jodhpur will be renovated

जोधपुर. जोधपुर विकास प्राधिकरण शहर के मेजर शैतानसिंह सर्किल की शक्लो सूरत बदलेगा। जेडीए की ओर से पावटा स्थित परमवीर मेजर शैतानसिंह भाटी चौराहे के सौन्दर्यीकरण व विकास कार्य का शिलान्यास किया गया।अध्यक्ष प्रो.महेंद्रसिंह राठौड़ ने कहा कि शहर के विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य में प्राधिकरण की ओर से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण के सभी विकास कार्य उच्चतम गुणवत्ता व मानकों से किए जा रहे हैं। जेडीए की ओर से खेतसिंह के बंगले के बाहर प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित चौराहे का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. महेंद्रसिंह राठौड़ व शहर विधायक कैलाश भंसाली सहित कई जने उपस्थित थे।
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मेजर शैतानसिंह : एक नजर
कर्नल हेमसिंह भाटी विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस में जख्मी हुए थे। तब उन्हें ब्रिटिश सरकार की ओर से ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश अम्पायर व तत्कालीन राजघराने की ओर से हाथी सिरोपाव से नवाजा गया था। उन्हीं के पुत्र शैतानसिंह का एक दिसंबर १९२४ को फलोदी के बानासर गांव में जन्म हुआ। वे जब मात्र डेढ़ साल के थे, तब उनकी मां जवाहर कंवर का निधन हो गया था। बालक शैतानसिंह की चौपासनी स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा हुई। उसके बाद उन्होंने जसवंत कॉलेज से बीए किया। वे कोटा की उम्मेद इन्फेन्ट्री में द्वितीय लेफ्टिनेंट के रूप में भर्ती हुए और सन १९४७ के बाद भारतीय सेना में आ गए। भारतीय थल सेना की 13 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात मेजर भारत-चीन युद्ध के दौरान 18 नवंबर 1962 को लेह- लद्दाख में चुशुल एयरपोर्ट को बचाते हुए रिजांगला की लड़ाई में शहीद हो गए थे। शहीद होने के समय वे 37 वर्ष के थे।
उनकी पार्थिव देह दो महीने बाद जोधपुर आई थी। उनकी देह अंतिम दर्शन के लिए उम्मेद भवन में रखी गई थी। जोधपुर के पावटा चौराहे का उनकी याद में प्रतिमा स्थापित कर नामकरण किया गया और बनासर गांव में भी उनकी यादगार है। जोधपुर और राजस्थान ही नहीं, पूरा देश उनकी वीरता और शौर्य पर गर्व करता है।