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जोधपुर का परंम्परागत जलस्रोत चतुर सागर तोड़ रहा दम, न बजट मिल रहा और न हो रही सुनवाई

वन विभाग का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, पांच करोड़ रुपए का मांगा था बजट
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जोधपुर का परंम्परागत जलस्रोत चतुर सागर तोड़ रहा दम,  न बजट मिल रहा और न हो रही सुनवाई

जोधपुर का परंम्परागत जलस्रोत चतुर सागर तोड़ रहा दम, न बजट मिल रहा और न हो रही सुनवाई

जोधपुर. वन विभाग की लापरवाही के कारण शहर का प्राचीन जलस्रोत चतुरसागर तालाब दम तोड़ रहा है। इसके जीर्णोद्धार को लेकर वन विभाग के उच्च अधिकारी अभी भी गंभीर नहीं है। क्षेत्र के लोगों की मांग पर वन विभाग ने बजट का प्रस्ताव बनाने की महज औपचारिकता निभाई। बजट नहीं मिलने से आमजन को निराशा हाथ लग रही है।

चतुर सागर तालाब पर अतिक्रमण की भरमार है। दीवार क्षतिग्रस्त हालत में है। इसको लेकर सिद्ध गुप्तेश्वर भैरूनाथ मंदिर पाटोत्सव एवं जीर्णोद्धार समिति के संयोजक एस के बिस्सा ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और चतुरसागर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए वन विभाग में परिवाद दायर किया था। इस पर उप वन संरक्षक जोधपुर ने चतुर सागर तालाब की मरम्मत इत्यादि कार्य के लिए पांच लाख रुपए के बजट का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भिजवाया। यह प्रस्ताव प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पास विचाराधीन है। स्थानीय लोगों ने चतुर सागर तालाब को बचाने के लिए शीघ्र बजट उपलब्ध कराने की मांग की है।