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कांकाणी हिरण शिकार केस : सलमान की ट्रांसफर पिटीशन-सरकार की ‘लीव टू अपील’ पर 22 सितंबर को होगी सुनवाई

पिछली सुनवाई में सलमान सहित सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक ट्रायल कोर्ट से हाईकोर्ट में सलमान खान की अपील सूचीबद्ध नहीं हो पाई थी।

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salman khan

फाइल फोटो- पत्रिका

राजस्थान के 1998 के चर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में 28 जुलाई को एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग की एकलपीठ ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ सुनने का आदेश दिया है।

इसमें सलमान खान की ट्रांसफर पिटीशन और मामले में सह आरोपी फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने पर राज्य सरकार की तरफ से 'लीव टू अपील' शामिल थी। ऐसे में दोनों प्रकरणों को एक साथ शामिल करते हुए उनकी संयुक्त सुनवाई अब 22 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट में होगी।

सलमान की अपील सूचीबद्ध नहीं हो पाई

पिछली सुनवाई में सलमान सहित सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक ट्रायल कोर्ट से हाईकोर्ट में सलमान खान की अपील सूचीबद्ध नहीं हो पाई थी। जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने आज आदेश दिया कि सलमान खान की ओर से अधीनस्थ कोर्ट (जिला एवं सेशन न्यायाधीश, महानगर/ग्रामीण जोधपुर) में पेश की गई अपील को भी ट्रांसफर पिटीशन के तहत राजस्थान हाईकोर्ट में लिस्टेड किया जाए।

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गौरतलब है कि वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। मुख्य आरोपी सलमान खान को इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) की अदालत ने 5 अप्रेल 2018 को 5 साल की सजा सुनाई थी।

वहीं सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। सलमान खान ने सजा के खिलाफ आपराधिक अपील दायर की थी, जबकि राज्य सरकार ने सह-आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देते हुए लीव टू अपील दाखिल की थी।