जोधपुर. खेजड़ली में 288 साल पूर्व पेड़ों की रक्षार्थ प्राणों का परित्याग करने वाले 363 लोगों की याद में बुधवार को मेले का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा एवं खेजड़ली शहीदी राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले शहीदी मेले में मंगलवार शाम को मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद आचार्य, स्वामी भागीरथ दास आचार्य, स्वामी शिव दास रुडक़ली, स्वामी शंकर दास खेजड़ली आदि संतों के सानिध्य में जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया था। विश्नोई समाज के धर्मगुरुओं के सान्निध्य में बुधवार सुबह हवन के बाद ध्वजारोहण कर मेले की शुरुआत की गई। पर्यावरण संस्थान के महेन्द्र विश्नोई ने बताया कि सुबह 11 बजे शहीद स्मारक परिसर में अधिवेशन हुआ। जिसमें देश भर के पर्यावरण प्रेमी 363 शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। विश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने बताया कि खेजड़ली मेला परिसर में संस्था के सदस्यों की ओर से रक्तदान कर श्रद्धांजलि दी गई। राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान के तहत खेजड़ली स्मारक स्थल परिसर में संस्था के संगठन मंत्री उदाराम गोदारा एवं जिला अध्यक्ष रामूराम गोदारा के संयोजन में पौधरोपण किया गया। गुरु जम्भेश्वर वन्यजीव एवं पर्यावरण विकास संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पुखराज खेड़ी के संयोजन में खेजड़ली मेले की पूर्व संध्या पर मंगलवार शाम को नई सडक़ राजीव गांधी प्रतिमा के पास 363 दीप प्रज्ज्वलित कर खेजड़ली शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।