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कोटा कृषि विवि को ज्वाइंट एंट्रेस टेस्ट की स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने चार वर्षीय बीएसएसी कृषि में दाखिले के लिए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा (Kota Agricultural University) के ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट समन्वयक को परिणाम के आधार के 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
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कोटा कृषि विवि को ज्वाइंट एंट्रेस टेस्ट की स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश

कोटा कृषि विवि को ज्वाइंट एंट्रेस टेस्ट की स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने चार वर्षीय बीएसएसी कृषि में दाखिले के लिए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा (Kota Agricultural University) के ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट समन्वयक को परिणाम के आधार के 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार (state govt.)ने केवल प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए अतिरिक्त ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करने की अधिसूचना जारी की थी। प्राइवेट कॉलेजों ने इसे अवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी।

न्यायाधीश दिनेश मेहता ने एसबीएस शिक्षक संस्थान सहित अन्य की याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं को दो लाख रुपए जमा करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि टेस्ट समन्वयक काउंसलिंग का शिड्यूल दो समाचार पत्रों में प्रकाशित करवा सके। वेबसाइट पर भी यह जानकारी देनी होगी कि बीएसएसी कृषि में कितनी सीट खाली हैं।


याची के अधिवक्ता बीएस संधू तथा मृत्युंजयसिंह ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 14 अगस्त, 2019 को एक अधिसूचना जारी कर प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए अतिरिक्त ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट प्रस्तावित किया गया।

इसमें प्राइवेट कॉलेजों को शामिल नहीं किया गया। इसे अवैधानिक बताते हुए प्राइवेट कॉलेजों को शामिल करने की मांग की गई, क्योंकि प्रथम ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट में यूनिवर्सिटी तथा कॉलेज सम्मिलित थे।

सरकार की ओर से कहा गया कि प्रथम काउंसलिंग के बाद 1137 सीट खाली रह गई थी, जिनमें 1064 सीट प्राइवेट यूनिवर्सिटी में थी, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में केवल 72 सीटें ही खाली थी।

इसलिए सरकार ने यूनिवर्सिटी की खाली सीटें भरने के लिए अतिरिक्त ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट प्रस्तावित किया। कोर्ट ने अब टेस्ट समन्वयक को स्पॉट काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें प्राइवेट कॉलेजों की खाली सीटें भी भरी जा सकेगी।