
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में पर्याप्त एयर कनेक्टिविटी के अभाव पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार समेत सभी एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों को अगली सुनवाई पर हवाई सेवाओं के विस्तार के प्रस्ताव के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण की खंडपीठ में याचिकाकर्ता लिब्रा इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अंकुर माथुर ने कहा कि राज्य का दूसरा बड़ा शहर जोधपुर न केवल पर्यटन स्थल है, बल्कि यहां हाईकोर्ट, एम्स, आईआईटी समेत कई बड़े संस्थान एवं यूनिवर्सिटी हैं। इसके बावजूद यथोचित एयर कनेक्टिविटी नहीं है।
एयरपोर्ट ऑथोरिटी की ओर से अधिवक्ता के.के. बिस्सा को एयर इंडिया, विस्तारा, अकासा एयर, एयर एशिया और स्पाइस जेट के प्राधिकारियों को विस्तृत निर्देशों के साथ अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के लिए सूचित करने को कहा गया है। सभी एयरलाइंस कंपनियों को यह बताना होगा कि जोधपुर में अपनी उड़ान सेवाओं के विस्तार लिए उनके क्या प्रस्ताव हैं या उन्हें किन बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। न्याय मित्र अंकुर माथुर को पूर्व में पारित आदेशों को देखते हुए उड़ानों के विस्तार को लेकर उचित सुझाव देने को कहा गया है। सीआईएसएफ की ओर से अधिवक्ता दिलीप कावडिया को देर रात तक एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन करने के लिए सुविधाओं, आवास और सीआईएसएफ की क्षमता की वर्तमान स्थिति के बारे में अपडेट करना होगा।
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आरडी रस्तोगी ने अवगत करवाया कि एक नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। एयरपोर्ट पर 13 टैक्सी स्टैंड हैं, जो लगभग तैयार हैं, जिन्हें पार्किंग और उड़ान संचालन को समायोजित करने, एयरलाइंस को अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए परिचालन में लाया जाएगा। इनमें से वर्तमान में 8 स्टैंड चालू हैं और शेष 5 स्टैंड मार्च 2025 तक चालू हो जाएंगे। वर्तमान में एयरपोर्ट पर निर्धारित ड्यूटी पर 145 सीआईएसएफ कार्मिक कार्यरत है, जबकि 199 कार्मिकों की नफरी बढ़ाने का प्रस्ताव है।
Published on:
21 Apr 2024 10:53 am
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