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पानी की कमी बनी आफत, बिजली भी बढ़ा रही परेशानी, ग्रामीण इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात

गर्मियों शहर व गांवों में पानी की आफत, गांवों में बिजली गुल से परेशानी

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पानी की कमी बनी आफत, बिजली भी बढ़ा रही परेशानी, ग्रामीण इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात

पानी की कमी बनी आफत, बिजली भी बढ़ा रही परेशानी, ग्रामीण इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात

दोनों महकमों का दावा-सब कुछ ठीक

जोधपुर . गर्मी शुरू होते ही शहर व ग्रामीण इलाकों में पानी-बिजली की समस्या ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। शहर में बिजली आपूर्ति के हाल ठीक हैं, लेकिन जिले के गांवों में पूरी बिजली नहीं मिल रही है। ग्रामीण इलाकों में रात में बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। जिले की करीब 30 हजार ढाणियों में तो अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं हैं। यहां दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण फिलहाल नहीं हो पाया है। इधर, पानी को लेकर शहर व ग्रामीण इलाकों में जोरदार मारामारी मची हुई है। इंदिरा गांधी नहर की सफाई के चलते क्लोजर चल रहा है। यह 35 दिन का क्लोजर 2 मई को पूरा होगा। इस बीच, जलदाय विभाग 836 गांवों व शहर के दो लाख घरों में पानी नहीं पहुंचा पा रहा है। पिछले तीन दिनों से शहर में जलापूर्ति के हालात बिल्कुल ठीक नहीं है। गांवों में नल सूखे पड़े हैं।

रात में सताती है बिजली

शहर में बिजली की दिक्कत फिलहाल कम है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति अपर्याप्त है। रात में सिंगल फेज बिजली कम दी जा रही है। इसके चलते तीन से चार घंटे पावर कट हो जाता है। जिन ढाणियों में डिस्कॉम ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत बिजली पहुंचाने का दावा किया, वह समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। गर्मी बढऩे के साथ ही शहर में रोजाना पांच लाख यूनिट बिजली खपत 52 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। जोधपुर जिला वृत्त में यह आंकड़ा 150 लाख यूनिट रोजाना पहुंच गया है। खपत बढऩे के कारण गर्मियों में अघोषित कटौती बढ़ सकती है।

आखिर कब आएगा पानी
नहरबंदी के चलते पानी की आपूर्ति के हालात ठीक नहीं हैं। 836 गांवों में दो दिन पहले शटडाउन लिया गया, वहां अब भी जलापूर्ति नहीं सुधरी है। शहर के बाहरी इलाकों में पूरा पानी नहीं पहुंच रहा है। भीतरी शहर में भी बुरा हाल है। झालामण्ड, बासनी, बनाड़, डिगाड़ी, मंडोर, कुड़ी, बोरानाडा, सूरसागर, भीतरी शहर में कम प्रेशर व कम जलापूर्ति हो रही है। शहर में रोजाना 15 एमसीएफटी पानी की जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन इससे कम आपूर्ति की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं की पूर्ति नहीं हो रही है। पानी को लेकर रोजाना जलदाय विभाग के कंट्रोल रूम पर 150 से अधिक शिकायतें कम प्रेशर व कम आपूर्ति की पहुंचने लगी है।

समस्या नहीं है

बिजली की समस्या नहीं है। समय पर आपूर्ति की जा रही है। कहीं शटडाउन होने पर बिजली बंद हो सकती है। कटौती नहीं की जा रही। ढाणियों में विद्युतीकरण का काम चल रहा है।
बीएल दहिया, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम, जोधपुर जिला वृत्त

कर रहे हैं जलापूर्ति
क्लोजर के कारण कुछ समस्याएं हैं। जलापूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पर्याप्त पानी का संग्रहण है। शटडाउन के बाद दो से तीन तक जलापूर्ति सुचारू होने के समय लग सकता है।

दिनेश पेड़ीवाल, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, जोधपुर