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मिलीभगत से रात में चल रहे है शराब ठेके पर यह काम, जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें

- आबकारी विभाग की मिलीभगत से बढ़ रहा है नशे का कारोबार

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मिलीभगत से रात में चल रहे है शराब ठेके पर यह काम, जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें

- जिले में अवैध शराब बरामद करने की एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं

जोधपुर . जिले में भले ही रात आठ बजे के बाद ठेकों पर शराब की बिक्री चालू रहे, लेकिन आबकारी विभाग के आंकड़े इसके बिल्कुल उलट और चौंकाने वाले हैं। विभाग के अफसरों की मानें तो रात आठ बजे बाद शराब बेचने वाले ठेकों के संचालकों पर कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के आंकड़े भले ही अफसरों के दावों को झुठला रहे हैं। पिछले तीन साल में जिले में मात्र नौ ठेकों पर रात आठ बजे बाद शराब की बिक्री पकड़ी गई। आबकारी विभाग का दावा है कि निर्धारित समय बाद रात में शराब की दुकानों की नियमित जांच की जाती है। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाती है। इसी के तहत जिले में रात 8 बजे बाद अवैध रूप से शराब बिक्री के अप्रेल 2015 से दिसंबर 2017 तक 09 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। हकीकत यह है कि ठेकों के आस-पास देर रात तक धड़ल्ले से शराब मिल जाती है।

बिकती है देर रात तक शराब

जिले में शराब की 321 दुकानें स्वीकृत हैं। इनमें 247 दुकानें देसी व कम्पोजिट हैं और 74 दुकानें अंग्रेजी शराब की हैं। इनमें अधिकतर दुकानों के बाहर देर रात तक लोगों का जमघट लगा रहता है।

तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर भी महज खानापूर्ति
आबकारी निरोधक दल के नाम पर फौज लगा रखी है। इस फोर्स का अवैध शराब तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए गठन किया गया है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कहने को तो तीन साल के दौरान 143 मुकदमे बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से 120 से ज्यादा मामले तो ऐसे हैं जिनमें से एक कट्टे या कार्टन में भरी अवैध शराब पकड़ी हो। अवैध शराब से भरे ट्रक रोज भले ही गुजरात जा रहे हैं, लेकिन दस्ते ने एक भी नहीं पकड़ा।

प्रदेश में भी हर साल घट रहा है कार्रवाई का आंकड़ा

आबकारी विभाग का अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा हर साल घट रहा है। सन 2016-17 में प्रदेश में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ 14448 मुकदमे दर्ज हुए थे। पिछले साल यह आंकड़ा 11137 पर ही अटक गया, जबकि 2016- 17 में 8126 लोग गिरफ्तार हुए थे और 2017-18 में 7406 लोग पकड़ में आए। पकड़े गए वाहनों की संख्या में भी लगातार कमी आ रही है।

आठ बजे बाद दुकान खुलने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाती है। अनुज्ञाधारियों को इसके लिए पहले से पाबंद किया हुआ है।
खुशीराम मीणा, जिला आबकारी अधिकारी