
Litrerary books releasing ceremony of Dr Aaidansingh bhati and Premprakash vyas
जोधपुर ( jodhpur news.current news ) .राजस्थानी भाषा के विख्यात साहित्यकार डॉ.आईदानसिंह भाटी ने कहा कि आज हमारे समाज से मानवीय संवेदनशीलता समाप्त होती जा रही है। इसलिए हम पूरे देश में हैदराबादी निम्नताओं का शिकार हो रहे हैं। वे राजस्थानी शोध संस्थान, चौपासनी और चौपासनी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के हिन्दी साहित्य विभाग ( litrature news ) की साझा मेजबानी में राजस्थानी शोध संस्थान के परिसर में आयोजित राजस्थानी भाषा के मशहूर कवि ( rajasthani news ) डॉ. आईदानसिंह भाटी के काव्य संग्रह 'जलते मरुथल में दाझे पाँवों से और वरिष्ठ कथाकार प्रेमप्रकाश व्यास ( premprakash vyas ) के कथा संग्रह 'अंकित एवं अन्य कहानियां के विमोचन व परिचर्चा में बतौर विषय विशेषज्ञ उदबोधन दे रहे थे।
'फूहड़ और 'मंचीय चुटकुले
उन्होंने कहा कि कविता मानवीय संवेदनशीलता को बढ़ाती है, लेकिन तकनीक के इस युग में वह आम आदमी से दूर होती जा रही है। कविता के नाम पर आज 'फूहड़ और 'मंचीय चुटकुले प्रचलित हैं। इस मौके पर डॉ. आईदानसिंह भाटी ने अपनी कविताओं के माध्यम से वर्तमान परिप्रेक्ष्य के घटनाक्रम की समीक्षा की।वहीं वरिष्ठ कथाकार ओमप्रकाश भाटिया ने प्रेमप्रकाश व्यास के कहानी संग्रह की चयनित कविताओं के अंश पढ़े। इस मौके पर केके बिड़ला फाउंडेशन की ओर से बिहारी पुरस्कार के लिए 'राजस्थानी काव्य संग्रह आंख हियै रा हरियल सपना का चयन होने पर डॉ. आईदानसिंह भाटी का सम्मान किया गया।
साहित्यकार, कवि व लेखक उपस्थित
कार्यक्रम में प्रभुसिंह मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौपासनी शिक्षा समिति, चौपासनी के मानद सचिव प्रहलादसिंह राठौड़ ने की। राजस्थानी शोध संस्थान चौपासनी के समिति के अध्यक्ष चक्रवर्तीसिंह जोजावर, उपाध्यक्ष दुर्जनसिंह, राजनीति विज्ञान के सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. कन्हैयालाल राजपुरोहित विशिष्ट अतिथि थे। अंत में हरदयालसिंह राठौड़ ने आभार प्रकट किया। संचालन डॉ. पी एस राजपुरोहित व सद्दीक मोहम्मद ने किया। आयोजन में जोधपुर के जाने-माने साहित्यकार, कवि व लेखक उपस्थित थे।
Published on:
03 Dec 2019 08:16 pm
