
लोकानुरंजन मेले में मंच पर दिखी विविध राज्यों की संस्कृति
जोधपुर. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में दो दिवसीय लोकानुरंजन मेले की शुरुआत शुक्रवार को हुई। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग ७०० लोक कलाकारों ने प्रस्तुति देकर मोहित कर दिया। मेले का शुभारंभ अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने नगाड़ा बजाकर किया।
इसके बाद नीले गगन के तले टाउन हॉल परिसर में बनाए मंचों पर कई कार्यक्रम हुए। इनमें जोधपुर के जाकिर खां का लंगा का गायन, अनिला देवी पादरला का तेरहताली नृत्य, सीमा का कालबेलिया नृत्य, बन्नेसिंह प्रजापत की रिंग भवाई, दिलावर की कच्छी घोड़ी नृत्य, उकाराम परिहार की लाल आंगी गेर, राधेश्याम बालोतरा की बच्चों की गेर, जानकी लाल चाचोड़ा का चकरी नृत्य, गोपाल धानुक शाहबाद का सहरिया नृत्य, प्रेमाराम भाट का कठपुतली नृत्य, जितेन्द्र पाराशर डीग का मयूर नृत्य, शशिबाला लक्ष्मणगढ़ का बंब नृत्य, घनश्याम पुष्कर का नगाड़ा वादन, रामजीत जोधपुर का करतब नृत्य सहित नरेन्द्र व रेशमा जोधपुर का जादूगर तथा उस्मान खान करतब, अकरम बांदीकुई का बहरूपिया नृत्य ने कला प्रेमियों को मोहित कर दिया।
वहीं शाम के समय पंजाब के अरविन्दर सिंह एंड पार्टी ने लोकप्रिय नृत्य गिद्धा व भांगड़ा की प्रस्तुति दी। हरियाणा की पूनम भल्ला ने फाग नृत्य, गुजरात के सुरेश भाई का डांग नृत्य, हरदेवसिंह का गरबा नृत्य, हिमाचल प्रदेश के देवदत्त शर्मा का दीपक नृत्य, सिरमोटी उत्तराखंड की पूजा ने थाडीया चहुफूल नृत्य, गुजरात के कंचन भाई रालवा का राठवा नृत्य, फाल्गुनी कालिन्दी ने पश्चिमी बंगाल का राज्यबेशी नृत्य की प्रस्तुति दी।
Published on:
15 Feb 2020 02:00 pm
