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पाकिस्तान से निपटने के लिए सेना क्यों कर रही है शिव धनुष का इस्तेमाल?

- डीआरडीओ ने पोकरण में किया पिनाक रॉकेट का सफल परीक्षण- भगवान शिव के धनुष पिनाक के नाम पर रखा है रॉकेट का नाम- आवाज की गति से 4.7 गुणा तेज मार करती है पिनाक
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पाकिस्तान से निपटने के लिए भारत का शिव धनुष तैयार

जोधपुर. रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित पिनाक गाइडेड रॉकेट का तीसरा सफल परीक्षण मंगलवार को जैसलमेर स्थित पोकरण फायरिंग रेंज में हुआ। सोमवार को हुए दो परीक्षण भी सफल रहे थे। रक्षा मामलों के जानकार पिनाक के एक के बाद एक तीन परीक्षण को हाल ही में सीमा पर पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव से जोड़ कर देख रहे हैं।
पिनाक रॉकेट लॉन्चर टेट्रा ट्रक से फायर किया जाता है जो 44 सैकेण्ड में 12 एचई रॉकेट छोड़ता है। दो दिनों में पिनाक गाइडेड के तीनों परीक्षण नेविगेशन सहित अत्याधुनिक नियंत्रित प्रणाली पर आधारित थे। पिनाक ने 4.7 मैक की स्पीड से सौ किलोमीटर से अधिक के टारगेट को भेदा।
भगवान शिव के धनुष का नाम पिनाक है और डीआरडीओ ने इसकी ताकत को देखते हुए इसे शिव धनुष का नाम दिया है।

गौरतलब है कि डीआरडीओ ने पिनाका रॉकेट लॉन्चर विकसित किया है। पिनाका-प्रथम रॉकेट 40 किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है। पिनाका-द्वितीय की सीमा 70 से 80 किलोमीटर है। इसके बाद डीआरडीओ ने इजराइल के साथ मिलकर पिनाका पर ट्रेजेटरी करेक्शन सिस्टम (टीसीएस) विकसित किया है, जिसका सफलतापूर्वक पोकरण में दो दिन तक परीक्षण किया गया है।