10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

निकाली जा रही है शराब की दुकानों के लाइसेंस की लॉटरी, 18034 आवेदकों को लॉटरी नम्बर आवंटित

नए वित्तीय वर्ष में शराब दुकानों के लाइसेंस के लिए गुरुवार सुबह ग्यारह बजे टाउन हॉल में लॉटरी निकाली जा रही है। जिले में शराब लाइसेंस के लिए 18034 आवेदकों को लॉटरी नंबर आवंटित किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी उदयभानू चारण ने बताया कि जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने लॉटरी निकालकर शुरूआत की।
less than 1 minute read
Google source verification
lottery for licence of liquor shops in jodhpur by excise department

निकाली जा रही है शराब की दुकानों के लाइसेंस की लॉटरी, 18034 आवेदकों को लॉटरी नम्बर आवंटित

वीडियो : विकास चौधरी/जोधपुर. नए वित्तीय वर्ष में शराब दुकानों के लाइसेंस के लिए गुरुवार सुबह ग्यारह बजे टाउन हॉल में लॉटरी निकाली जा रही है। जिले में शराब लाइसेंस के लिए 18034 आवेदकों को लॉटरी नंबर आवंटित किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी उदयभानू चारण ने बताया कि जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने लॉटरी निकालकर शुरूआत की। तत्पश्चात उनके प्रतिनिधि के तौर पर एडीएम लॉटरी प्रक्रिया में मौजूद रहे। वहीं, पुलिस उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भी लॉटरी में उपस्थित हुए।

प्रथम चरण में जोन 1 से 6 तक भारत निर्मित विदेशी मदिरा व बीयर की 66 खुदरा दुकानों के लिए लॉटरी होगी। इसके बाद जोधपुर महानगर क्षेत्र की देसी मदिरा व कंपोजिट समूह के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। तत्पश्चात नगर पालिका फलोदी, बिलाड़ा, पीपाड़ शहर क्षेत्र में अंग्रेजी शराब की 8 दुकानों व शेष ग्रामीण क्षेत्र में देसी मदिरा, कंपोजिट दुकानों के आवेदकों की लॉटरी निकलेगी। लॉटरी प्रक्रिया में सैंकड़ों आवेदकों के मौजूद रहने की संभावना है। ऐसे में टाउन हॉल में विशेष व्यवस्था की गई है। टाउन परिसर में शामियाने व कुर्सियां लगाई गई है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टाउन के अंदर की प्रक्रिया एलइडी स्क्रीन पर बाहर दिखाई जा रही है।

आवेदनों से 54.10 करोड़ की आय
जिले में देसी शराब के 238 समूह हैं। जिनमें कम्पोजिट व देसी शामिल हैं। वहीं, भारत में निर्मित विदेशी मदिरा की शहर में जोधपुर में 66, बिलाड़ा व फलोदी में तीन-तीन और पीपाड़ में दो समूह हैं। अकेले जोधपुर जिले के लिए 23 हजार से अधिक आवेदन जमा कराए गए थे, लेकिन इनमें से 18034 आवेदन ही वैरीफाइड को सके। इनसे विभाग को 54 करोड़ दस लाख बीस हजार रुपए की आय हो चुकी है।