
संक्रमित और साक्षरता कम, फिर भी वैक्सीनेशन में शहर से आगे निकले गांव
जोधपुर।
हमारे शहर ने संक्रमण के कारण लगातार 70 दिन का लॉकडाउन देखा। कोरोना के कारण शहरी लोगों ने कई अपनों को खोया। ऐसे में वैक्सीन की जरूरत और उत्सुकता भी सबसे पहले शहरी लोगों ने ही दिखाई थी। लेकिन जब 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ तो शहरों से ज्यादा गांवों के लोगों ने समझदारी दिखाते हुए आगे कर टीका लगवाया गया है, जबकि वहां वैक्सीनेशन सेंटर भी काफी दूर है।
ऐसे है गांवों की शहरों से तुलना
- 4 लाख 18 हजार 167 चिह्नित लोग पूरे जिले में 60 से अधिक उम्र के
- 1 लाख 29 हजार 567 जोधपुर शहर में 60 से अधिक उम्र के लोग
- 2 लाख 88 हजार 510 लोग हैं ग्रामीण क्षेत्र में 60 से अधिक उम्र के
- 30.55 प्रतिशत अब तक वैक्सीनेशन हुआ है जोधपुर जिले में
- 25.66 इसमें महज जोधपुर शहरी क्षेत्र का।
- 34 प्रतिशत से अधिक वैक्सीनेशन ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है।
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भोपालगढ़ अव्वल, मंडोर ब्लॉक पिछड़ा
ब्लॉक - वैक्सीनेशन प्रतिशत
भोपालगढ़ - 52.08
बावड़ी - 42
बालेसर - 38.83
शेरगढ़ - 34.79
बाप - 31.85
ओसियां - 30.17
लूणी - 28.98
बिलाड़ा - 27.32
फलोदी - 26.97
जोधपुर शहर - 25.66
मंडोर - 23.09
जोधपुर जिला - 30.55
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कई विपरित परिस्थितियां
गांवों की तुलना में वैक्सीनेशन में कई सुविधाएं हैं, फिर भी लोग कम समझदारी दिखा रहे हैं। गांवों में ढाणियों से वैक्सीनेशन सेंटर तक ग्रामीणों को लाना भी चुनौती है। जबकि शहर में दो से तीन किमी के दायरे में वैक्सीनेशन सेंटर है। शहर में संक्रमितों की संख्या व सख्ती भी ज्यादा होती है, फिर भी गांव के लोग ज्यादा उत्साह से टीकाकरण में हिस्सा ले रहे हैं।
Updated on:
23 Mar 2021 11:28 pm
Published on:
23 Mar 2021 11:28 pm
