5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महापौर साहब, कुड़ी-बासनी क्षेत्र में चाहिए सुनियोजित सब्जी मंडी

-क्योंकि गली-सड़कों पर चल रही हैं अस्थाई सब्जी मंडियां, यातायात हो रहा है प्रभावित

3 min read
Google source verification
Madhuban Kudi Wants Good Sabji Mandi In Jodhpur

Madhuban Kudi Wants Good Sabji Mandi In Jodhpur



बासनी (जोधपुर).
जोधपुर शहर के कुड़ी व बासनी क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके सब्जी मंडी की दरकार लम्बे समय से हैं। क्योंकि मधुबन में सड़क पर अस्थाई अतिक्रमण के रूप में चलाई जा रही सब्जी मंडी न केवल आमजन के लिए परेशानी बन रही है बल्कि यातायात में भी बड़ी बाधा बनी हुई है। इस मामले में कई बार आवाज उठ चुकी है कि इस मंडी को नगर निगम की सरकारी जमीन पर अन्यंत्र स्थानांतरित किया जाना चाहिए। हालांकि नगर निगम की ओर से इस दिशा में प्रयास जरूर हैं, लेकिन निगम के अफसरों की ढिलाई के चलते ऐसे प्रयास कागजों से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि नगर निगम को सेन्ट एन्स स्कूल के सामने हाइवे से सटी खाली जमीन, नहर वाली रोड या फिर अन्यंत्र सरकारी जमीन पर सुनियोजित तरीके से सब्जी मंडी विकसित करनी चाहिए, ताकि इससे न केवल सब्जी-फल विक्रेताओं के लिए रोजगार बढ़ेगा, बल्कि जनता को भी राहत मिलेगी।पेश है एक रिपोर्ट-
मंजूरी मिलने पर यह रहेगी व्यवस्था-

ठेलों का होगा पंजीकरण
मंडी शिफ्टिंग को मंजूरी मिलने से वर्तमान में मधुबन चौराहे पर अव्यवस्थित खड़े रहने वाले ठेलों को नई जगह पर खड़े रहने के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। निगम के नियमों पर खरा उतरने वालों का ही इस प्रक्रिया में पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा निगम की ओर से सर्वे भी किया जाएगा। साथ ही सब्जी का नव व्यवसाय करने वालों को भी अपना व्यवसाय करने का मौका मिल सकेगा।

बढ़ेगी निगम की आय
मंडी शिफ्ट होने से नई जगह पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वर्तमान में जहां मंडी चल रही है वहां ठेलों की संख्या भी 30-40 ही है। ऐसे में नई जगह मंडी लगने से प्रथम चरण में 80 से 100 ठेले खड़े रह सकेंगे। जिनमें सब्जी बेचने वालों के अलावा फल, खान-पान का विक्रय करने वाले भी पंजीकरण में अपनी हिस्सेदारी निभाएंगे। ठेलों के खड़े रहने से निगम को भी आय होगी।

Read More : जोधपुर कोर्ट में Blue रंग की शर्ट पहनकर आते हैं सलमान खान ! जाने क्यों ?

सफाई के लिए लगेंगे कचरा पात्र
नई मंडी में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत सभी ठेलों के आगे निगम की ओर से अनिवार्य रुप से कचरा पात्र लगाए जाएंगे। जिनसे बदले में उन्हे निगम को शुल्क देना होगा। स्वच्छता के प्रति लापरवाह ठेला संचालकों का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकेगा।

मंडी शिफ्ट होती है तो यह फायदा--

सुगम होगा आवागमन
मंडी शिफ्ट होने से सबसे ज्यादा फायदा यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को होगा। वर्तमान में जहां अवयवस्थित ठेलों व अतिक्रमण से सड़क संकरी हो रही है, वहीं मंडी के नई जगह पर स्थापित होने से मौके पर अतिक्रमण की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी। आवागमन की राह भी सुगम हो सकेगी।

गंदगी से मिलेगी मुक्ति
मंडी में कचरा पात्र नहीं होने से जगह-जगह पर गंदगी फैल रही है। जिनसे यहां रहने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मंडी शिफ्ट होने से लोगों को कचरे की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।


थोक दर से मिलेगी सब्जियां
नई मंडी क्षेत्रफल की दृष्टि से भी वृहद स्तर पर होगी। जिससे अधिक से अधिक संसाधन विकसित हो सकेंगे। इससे लोगों को थोक भाव में ताजी सब्जियां मिल सकेंगी। जिससे झालामंड, कुड़ी, बासनी, सांगरिया सहित विभिन्न क्षेत्र के लोगों सीधे तौर पर मंडी से जुड़ सकेंगे।

Read More : आखिर जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्र में ही क्यों लगती है आए दिन आग, पढिए पूरी खबर

सब्जी विके्रताओं को यह लाभ
नई मंडी में सभी विक्रेताओं का पंजीकरण किया जाएगा। मंडी में ठेले खड़े रहने के लिए जगह भी उन्हीं विके्रताओं को मिलेगी जिन्होंने अपना पंजीकरण निगम में करवाया है। बिना पंजीकरण वाले ठेलों को निगम की ओर से खड़े रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे प्राय: जगह को लेकर कई बार ठेलाचालकों के मध्य होने वाले विवाद पर भी लगाम लग जाएगी। साथ ही ठेलाचालक को भी ठेला संचालित करने के लिए स्थाई जगह मिल जाएगी।

इन्होनें कहा-
यहां पिछले 14 वर्षों से ठेला लगा रहा हूं। मंडी शिफ्ट होगी तो अवैध वसूली नहीं देनी पड़ेगी। क्योंकि वर्तमान में ठेले जिन मकानों के आगे खड़े रहते हैं उन मकान मालिकों की ओर से ठेले खड़े रखने की एवज में प्रतिमाह पंद्रह सौ रुपए किराया वसूला जा रहा है। जबकि निगम में भी सालाना रसीद कटवा रहे हैं।
-घनश्याम मंगलानी, सब्जी विक्रेता
यहां पिछले दस वर्षों से भी अधिक समय से ठेला लगा रहा हूं। मंडी में अव्यवस्थाएं रहती हैं। पूरी मंडी में कहीं भी शौचालय नहीं है। मंडी शिफ्ट होने से सभी ठेले व्यवस्थित रुप से खड़े रह सकेंगे। इससे ग्राहकों को भी मंडी तक आने में आसानी रहेगी।
-बाबू खां, सब्जी विक्रेता
मंडी में नियमित रुप से सब्जी खरीदने के लिए आ रहा हूं। वर्तमान में मंडी में गंदगी का आलम है। इससे संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। अगर मंडी शिफ्ट होती है तो गंदगी से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही आवागमन में भी सुविधा होगी।
-सुपर्ण पाठक, ग्राहक

इनका कहना है-
मधुबन मंडी शिफ्ट होने की दशा में ठेलाचालकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। नगर निगम को इस दिशा में अविलम्ब कार्ययोजना बनाने करने के लिए आग्रह किया जा चुका है।
-रेवंत सिंह इंदा, पार्षद

Read More : मानवाधिकार आयोग : जोधपुर में खराब सीटी स्कैन मशीन पर दिया बड़ा बयान