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कलेवा योजना में लाखों के गबन का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

- 99.50 रुपए की बजाय 145 रुपए प्रति प्रसूता के फर्जी आदेश से भुगतान उठाने का मामला
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कलेवा योजना में लाखों के गबन का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कलेवा योजना में लाखों के गबन का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जोधपुर.
बनाड़ थाना पुलिस ने कूटरचित आदेश के आधार पर बनाड़ स्थित सीएचसी में प्रसूताओं के लिए कलेवा योजना में गबन करने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। देवरानी व जेठानी को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।
थानाधिकारी सीताराम खोजा ने बताया कि बनाड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कलेवा योजना के तहत लाखों रुपए का गबन करने के मामले में खोखरिया में दीप नगर निवासी गजेन्द्रसिंह (36) पुत्र मनोहरसिंह को गिरफ्तार किया गया। उसने कलेवा योजना के तहत गबन करना स्वीकार किया। पूछताछ के बाद उसे रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए। गबन में सीएचसी के चिकित्साकर्मी व लेखाकार की भूमिका भी संदिग्ध आई है। जिनके खिलाफ जांच की जा रही है। गत 22 सितम्बर को समूह की संचालिका देवरानी व जेठानी भाग्यश्री व पुष्पा को गिरफ्तार किया गया था।

फर्जी आदेश निकाल 45.50 रुपए अधिक से बनवाए बिल

सरकारी अस्पताल में प्रसूताओं को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की गई थी। भोजन उपलब्ध कराने वाली स्वयं सहायता समूह को 70 रुपए प्रति डाइट व प्रति प्रसूता दर तय की गई थी। जिसे वर्ष 2015 में 99.50 रुपए कर दिया गया था। आरोपी ने कूटरचित आदेश निकाल दर 145 रुपए कर दी थी। बनाड़ के सीएचसी में भोमियाजी स्वयं सहायता समूह भोजन सप्लाई कर रहे थे। कूटरचित आदेश के आधार पर वर्ष 2015 से 2019 तक इस समूह को छह लाख रुपए अतिरिक्त भुगतान दे दिया गया था।
बतौर संविदाकर्मी रहते फर्जी बिल बनाए, राशि बांटी

आरोपी गजेन्द्रसिंह चिकित्सा विभाग में संविदाकर्मी था। गबन का मामला सामने आने पर उसे गत वर्ष हटा दिया गया था। गत माह भाग्यश्री व पुष्पा से पूछताछ में सामने आया था कि कलेवा योजना में उसी ने फर्जी बिल व वाउचर बनाए थे और सीएचसी बनाड़ के आरएमआरएस अधिकारियों से सांठ-गांठ व मिलीभगत कर लाखों रुपए का ऐरियर व अधिक राशि भोमियाजी स्वयं सहायता समूह के खाते में चेक से जमा कराई थी। फिर समूह के खाते से नगद लेकर लेखाधिकारी व चिकित्सा अधिकारियों में आपस में बांट ली गई थी।