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खरमास में थम जाएंगे मांगलिक कार्य, 14 से शुरू होगा मळमास

मारवाड़ में ‘मळमास’ के दौरान नहीं होते वैवाहिक आयोजन
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खरमास में थम जाएंगे मांगलिक कार्य, 14 से शुरू होगा मळमास

खरमास में थम जाएंगे मांगलिक कार्य, 14 से शुरू होगा मळमास

जोधपुर. सूर्य धनु राशि में प्रवेश के साथ ही 14 दिसम्बर से मळमास (खरमास) का महीना आरंभ हो जाएगा। एक माह तक सूर्य धनु राशि में रहने के दौरान सभी तरह के शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। वर्ष 2021 का अंतिम सावा 13 दिसम्बर को है।

शास्त्रों के अनुसार मळमास में दान-तीर्थ स्नान व नाम जप का अनंतगुणा फल बताया गया हैं। मळमास समाप्ति के बाद शुभ कार्य 15 जनवरी से वापस आरंभ हो जाएंगे। मळमास के दौरान गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश, सगाई, विवाह आदि सभी तरह के मांगलिक कार्य टालने का विधान बताया गया हैं।

क्यूं नहीं होते शुभ कार्य
इस माह में सूर्य की गति धीमी हो जाती है, जिस कारण कोई भी शुभ काम सफल नहीं होते हैं। शास्त्रों में खरमास का महीना शुभ नहीं माना गया है। सूर्य बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करते हैं तो बृहस्पति का तेज समाप्त हो जाता है। बृहस्पति को विवाह और वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। इसलिए इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं होते है।

साल में दो बार खरमास
मार्च माह में जब सूर्य मीन में प्रवेश करते हैं तब खरमास लगता है और दिसंबर में जब सूर्य धनु में प्रवेश करते हैं तब खरमास लगता है। मळमास में सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व माना जाता है।