
आसाराम ने एक नहीं, किए है कई कांड जानिए इनके बारे में
जोधपुर . अपने ही गुरुकुल की छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में भले ही आसाराम को उम्रकैद की सजा सुना दी गई हो लेकिन आसाराम पर कई अन्य मामले भी दर्ज है।
1. अहमदाबाद के चांदखेड़ा में वर्ष 2013 में लालो ठाकोर पर फायरिंग कर उसकी हत्या की कोशिश का मामला दर्ज है।
2.नारायण सांई के विरुद्ध सूरत के जहांगीरपुरा थाने में दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराने वाली महिला के पति व गवाह विमलेश पर फरवरी 2014 में चाकू से जानलेवा हमला करने के खाटोदरा थाने में मामला।
3.आसाराम के विरुद्ध अहमदाबाद के चांदखेडा थाने में दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराने वाली महिला के पति व गवाह राकेश पर सूरत के अडाजण थाने में जानलेवा हमला करने का मामला।
4.आसाराम के पूर्व साधक रहे दिनेश भागचंदानी पर सूरत के उमरा थाना इलाके में वर्ष 2014 में एसिड से हमला करने का मामला।
5.राजकोट के बी डिवीजन थाना इलाके में मई 2014 में आसाराम के पूर्व वैद्य अमृत प्रजापति पर फायरिंग करके हत्या करने का मामला।
6. इसके अलावा आसाराम के पूर्व साधक राजू चांडक पर जून 2009 में हुए जानलेवा हमले का मामला साबरमती थाने में दर्ज है। इस मामले में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है।
गुजरात में भी दुष्कर्म का मामला
गुजरात में भी आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मामला लंबित है। आसाराम के खिलाफ सूरत की दो युवतियों के साथ दुष्कर्म का मामला फिलहाल गुजरात की गांधीनगर की अदालत में चल रहा है। अब तक 29 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। दो युवतियों ने आसाराम पर आरोप लगाया था कि वर्ष 1997 से लेकर 2006 तक अपने आश्रम में दुष्कर्म किया।
हमला प्रकरण में आसाराम फरार
राजू चांडक पर हमले का भी मामला लंबित है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश हो चुका है, लेकिन इसी आरोपपत्र में आसाराम को फरार बताया गया है।
बच्चों की मौत के मामले में दर्ज हो चुके हैं बयान
अहमदाबाद के मोटेरा स्थित आसाराम आश्रम के परिसर में स्थित आसाराम गुरुकुल में अध्ययनरत दो चचेरे भाईयों की रहस्यमय मौत के मामले शामिल हैं। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित डी के त्रिवेदी आयोग के समक्ष आसाराम का बयान दर्ज किया जा चुका है।
पूर्व साधक ने ही सबसे पहले उठाई थी आवाज
आसाराम के पूर्व साधक व आसाराम के आयुर्वेद चिकित्सक रहे अमृत प्रजापति पर 23 मई 2014 को राजकोट में क्लीनिक के बाहर हमला हुआ था। कुछ दिनों बाद प्रजापति की मौत हो गई थी। बाइक पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने प्रजापति के क्लीनिक के बाहर गोली चलाई थी। प्रजापति ने आसाराम गुरुकुल में पढऩे वाले दो बच्चों की रहस्यमय मौत को लेकर गठित आयोग के समक्ष आसाराम के खिलाफ गवाही दी थी। प्रजापति ने सबसे पहले आसाराम के खिलाफ आवाज उठाई थी। वे दुष्कर्म मामले के अहम गवाह थे। प्रजापति ने यह दावा किया था कि उन्होंने आसाराम को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। प्रजापति की मौत के बाद इस मामले में राजकोट पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। इस मामले में मृतक की पत्नी ने अपने पति की मौत पर सीबीआई जांच और दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की। बताया जाता है कि आश्रम में चलने वाली कथित अवैध गतिविधियों से वैद्य प्रजापति अवगत थे। इन गतिविधियों का भंडाफोड़ करने के डर से वैद्य पर आठ बार हमला किए जा चुके हैं।
Published on:
26 Apr 2018 07:10 pm
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