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डॉक्टरी के पेशे के साथ कर रही मार्बल का बिजनेस, पाई सफलता

- ऑर्थो फिजियोथेरेपिस्ट डॉ पुष्पा कर रही मार्बल-ग्रेनाइट का काम
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जोधपुर

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Amit Dave

Sep 22, 2021

डॉक्टरी के पेशे के साथ कर रही मार्बल का बिजनेस, पाई सफलता

डॉक्टरी के पेशे के साथ कर रही मार्बल का बिजनेस, पाई सफलता

जोधपुर।
मैं डॉक्टर पुष्पा बारठ हूं ऑर ऑर्थो फिजियोथेरेपिस्ट हूं। मैं पिछले करीब 17 सालों से डॉक्टरी कर रही हूं। किसी के लिए अपने स्थापित प्रतिष्ठित पेशे के साथ बिजनेस की बात सोचना दूर की बात है। ऐसे समय में मैने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया , और आज से एक साल पहले बिजनेस शुरू किया। मैने डॉक्टरी के अलावा मार्बल बिजनेस में मदद के लिए मेरे पिता के साथ पार्टनरशिप में काम शुरू किया। सभी काम मैं ही देखती-करती हूं, मेरे पिता मेरे वर्र्किंग पार्टनर है।
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माइनिंग वर्कर्स के साथ काम के दौरान आया आइडिया
पुष्पा ने युनाइटेड नेशन्स (यूएन) में माइनिंग वर्कर्स के साथ काम किया। इस दौरान माइनिंग की जानकारी हो गई और यह काम देखकर स्टोन का काम करने का आइडिया आया। जोधपुर में सेण्ड स्टोन का काम ज्यादा है, लेकिन पुष्पा ने मार्बल व ग्रेनाइट का काम किया।
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डॉक्टरी के साथ मैनेज कर लेती है बिजनेस
पुष्पा को डॉक्टरी का अच्छा अनुभव है। अपने पेशे के साथ बिजनेस को अच्छी तरह मैनेज कर लेती है। बिजनेस में वह जोधपुर के बाहर से पत्थर खरीदना, पत्थर लोडिंग कराना, लेबर के साथ सभी कार्य डील करने सहित सभी काम कर लेती है।
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चुनौतियां व संघर्ष स्वीकार किया
पुष्पा को अपने काम की शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा व ऑर्डर के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। वह काम के लिए हस्तशिल्प निर्यातकों से मिली, शुरुआत में कम व छोटे ऑर्डर मिलते थे। फिर भी, उसने हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे काम करती रही और कुछ ही महिनों में अच्छे ऑर्डर मिलने लग गए और एक साल के अंदर ही काम पटरी पर आ गया। अब बड़े हस्तशिल्प निर्यातकों के बड़े ऑर्डर्स करती है, जो जोधपुर में गिने-चुने लोग ही कर रहे है।