10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाबोसा ने छह वर्ष की उम्र में कराया पिंटू का ब्याह, बारह साल बाद बंधन मुक्त

सारथी ट्रस्ट ने की मदद
less than 1 minute read
Google source verification
Married at the age of six, Pintu free after twelve years

बाबोसा ने छह वर्ष की उम्र में कराया पिंटू का ब्याह, बारह साल बाद बंधन मुक्त

जोधपुर.

करीब बारह वर्ष तक बाल विवाह का दंश झेलने वाली पिंटूदेवी को जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय ने बाल विवाह के बंधन से मुक्त कर दिया।

पीथावास निवासी सोहनलाल विश्नोई की पुत्री पिंटू (18) का विवाह सन् 2006 में सारणनगर निवासी युवक के साथ हुआ था। उस समय पिंटू की उम्र मात्र छह वर्ष थी। ससुराल पक्ष के लोग कथित तौर पर अवांछित कृत्यों में लिप्त थे। इस कारण पिंटू के परिजन उसको लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।


ससुरालवालों ने पिंटूदेवी के घर आकर जाति दंड लगाने व हुक्का-पानी बंद करवाने की धमकियां भी दी। इस पर पिंटूदेवी ने सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती से सम्पर्क किया।

ट्रस्ट की ओर से गत जून में पारिवारिक न्यायालय में वाद दायर कर बाल विवाह निरस्त करने का आग्रह किया। मामले की पैरवी करते हुए डॉ. भारती ने प्रार्थिया की आयु सहित सम्बंधित दस्तावेज न्यायालय में पेश किए।

इस पर पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश पीके जैन ने पिंटूदेवी के विवाह को गैर कानूनी मानते हुए निरस्त करने का आदेश जारी किया।

अब तक 37 बाल विवाह निरस्त कराए


बाल विवाह निरस्त कराने मुहिम में जुटी डॉ. कृति भारती अब तक 37 जोडों के बाल विवाह निरस्त करवाने के साथ कई बाल विवाह रुकवा चुकी हैं।