
CUMIN--क्वालिटी-कलर के साथ ऑनलाइन मार्केट में भी मारवाड़ का जीरा अव्वल
जोधपुर।
मारवाड़ की प्रमुख मसाला फसल जीरा अपनी गुणवत्ता व रंग के साथ ऑनलाइन मार्केट में भी अव्वल है। केन्द्र सरकार की ओर से चल रही इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) योजना में दो कृषि मंडियों के बीच अन्तर मंडी व्यापार में जोधपुर अव्वल है। ई-नाम पोर्टल पर जोधपुर व नागौर अनाज मंडी के बीच जीरा का 845 क्विंटल का अन्तर मंडी व्यापार हुआ। इसके लिए नागौर के व्यापारियों ने जोधपुर के किसानों को करीब 2.50 करोड़ रुपए का भुगतान किया, जो देशभर में सबसे अधिक है।
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प्रदेश की 145 मंडि़यां ई-नाम से जुड़ी
केन्द्र सरकार ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) योजना की शुरूआत की थी। वर्तमान में प्रदेश की 145 कृषि मंडि़यां ई-नाम प्लेटफाॅर्म से जुड़ी हुई है।
ई-नाम पोर्टल व मोबाइल एप बहुभाषी है। इस एप से किसान घर बैठे ही विभिन्न अनाज मंडियों के कृषि जिंस के भाव पता कर सकते है। मण्डी में उपज की आवक सहित उसका नम्बर कब आएगा, उपज का क्या दाम मिलेगा, यह सब वह ई-नाम एप से पता कर सकता है। ई-नाम पर व्यापार के लिए 209 कृषि जिंस के लिए व्यापार योग्य पैरामीटर उपलब्ध है।
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एक पंजीकरण फिर सीधे किसान से खरीदे उत्पाद
ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीयन के बाद, किसान और व्यापारी अपना यूजर आईडी और पासवर्ड जनरेट कर सकते है। किसान उत्पादों का विवरण ई-नाम पोर्टल पर बिक्री के लिए अपलोड कर सकते है।
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जीरा, ग्वारगम, मैथी आदि कृषि जिंस के लिए ऑनलाइन व्यापार कठिन है। जीरा की क्वालिटी-कलर आदि फिजीकली देखकर ही पता जा सकती है। ऑनलाइन फोटो देखकर क्वालिटी-कलर का पता नहीं चलता है। इससे ई-नाम प्लेटफाॅर्म से सफल व्यपार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्षजोधपुर जीरा मंडी व्यापार संघ
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ई-नाम ऑनलाईन नीलामी व मार्केट का महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसान व व्यापारियों के बीज पारदर्शिता रहेगी। किसान को उपज की पूरी कीमत और तत्काल पेंमेट हो सकेगा।
सुरेन्द्रसिंह, सचिव
विजराराजे सिंधिया कृषि उपज मंड़ी समिति
Published on:
10 Jul 2023 10:17 pm
