
ओसियां। चेराई के रामनगर हत्याकांड में काल का ग्रास बने मासूम का जला शव देखकर हर किसी की आंख भर आईं। जलकर राख हो चुके मासूम की हालत यह थी कि मानो अब वह शव नहीं बड़ा सा कोयला हो। मासूम के हाथ व पैर जलकर अगरबत्ती के समान पतले हो गए। पंजे पूरी तरह से जल चुके थे। चेहरा तो नजर ही नहीं आ रहा था। नाक, मुंह, कान, बाल सब जलकर गायब हो गए थे। जिस किसी ने मासूम का शव देखा रूह कांप गई। पोस्टमार्टम कर रहे चिकित्सकों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पिता रेवतराम तो शव देखकर बेहोश हो गया।
लोग बोले हत्यारे ने पार की मानवता की हदें
घटना स्थल पर मौजूद लोग बोले इससे दर्दनाक कुछ नहीं हो सकता। हत्यारे ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। हत्यारे इंसान रूपी इस राक्षस को 6 माह के मासूम पर भी तरस नहीं आया। उसको भी नहीं बक्शा। दादा, दादी व मां की हत्या के बाद भी हत्यारे का दिल नहीं भरा तो मां के पास सो रहे मासूम को जिंदा आग में झोंक दिया। आम व्यक्ति महसूस भी नहीं कर सकता कि 6 माह पूर्व इस दुनिया में आए मासूम की किस कदर सांसें छूटी होगी।
चालीस घंटे बाद अंतिम संस्कार पर बनीं सहमति
वारदातस्थल पर ही चारों मृतकों के शवों का मेडिकल बोर्ड से बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम करवा लिया गया था, लेकिन परिजन व ग्रामीण मृतक आश्रित को एक करोड़ रुपए, दो आश्रित को सरकारी नौकरी, आरोपी के खेत को गोचर भूमि घोषित करने व अन्य मांग पर अड़ गए थे। विधायक दिव्या मदेरणा, नारायण बेनीवाल, पुखराज गर्ग व इन्दिरादेवी और पूर्व विधायक भैराराम सियोल भी धरने में शामिल हुए। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, एसपी धर्मेन्द्र सिंह यादव की मौजूदगी में प्रतिनिधि मण्डल ने गुरुवार शाम वार्ता की। इसमें अधिकतम मुआवजे के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने, दो आश्रितों को संविदा पर नौकरी, परिवार को सुरक्षा देने की मांग पर सहमति बनीं। तब परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
Published on:
21 Jul 2023 10:40 am
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